सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी और सीट से गायब रहने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर अब गाज गिरने वाली है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने एक कड़ा आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई कार्मिक या तो समय पर ऑफिस नहीं आते या फिर वर्किंग ऑवर्स के दौरान सीट से नदारद रहकर गप्पे मारते रहते हैं, जिससे आमजन के जरूरी काम अटक जाते हैं। आदेश के अनुसार अब सभी अधिकारी-कर्मचारियों को ऑफिस आते ही सबसे पहले उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) में हस्ताक्षर करने होंगे। इसके साथ ही, पूरे समय अपनी सीट पर मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया गया है। अक्सर देखा जाता है कि भोजनावकाश (लंच ब्रेक) के नाम पर कर्मचारी घंटों बाहर रहते हैं। अब सरकार के नियमों के अनुसार केवल 30 मिनट का ही समय लंच के लिए मिलेगा। ये हैं निर्देश लापरवाही पर कार्रवाई होगी: निदेशक सीताराम जाट ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों की पालना कठोरता से की जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई होगी। यह आदेश पिछले निर्देशों की निरंतरता में जारी किया गया है।