भास्कर न्यूज | रानीबड़ौद जिले में उद्यान विभाग की पॉलीहाउस योजना किसानों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। जनवरी माह में कई किसानों को पॉलीहाउस निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे, लेकिन करीब 5 माह बाद भी क्षेत्र के अधिकांश किसानों के खेतों में पॉलीहाउस निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। विभागीय सुस्ती और डीलर की लेटलतीफी के कारण क्षेत्र के किसानों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि आधुनिक खेती और बेहतर उत्पादन की उम्मीद में किसानों ने खेत खाली छोड़ दिए, लेकिन अब न तो पॉलीहाउस बन पाए और न ही समय पर फसल बोई जा सकी। मानसून नजदीक आने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने चेतावनी दी है कि 3 दिन के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वह कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करेंगे। बारिश में और अटकेगा काम जून माह नजदीक आने और मानसून शुरू होने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि बारिश शुरू हो गई तो पॉलीहाउस निर्माण कार्य और अधिक प्रभावित होगा। इससे निर्माण लंबे समय तक अटक सकता है और किसानों को पूरे साल का नुकसान झेलना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस मुद्दे को लेकर किसान संगठनों में भी चर्चा शुरू हो गई है। किसानों के अनुसार सरकार आधुनिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा। जल्द कार्य शुरू करने का आश्वासन इस मामले में उद्यान विभाग के वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक मनमीत नागर ने कहा कि किसानों की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने मानसून सत्र शुरू होने से पहले संबंधित डीलर से कार्य पूर्ण करवाने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर पॉलीहाउस निर्माता कंपनी के क्षेत्रीय डीलर रवींद्र स्वामी ने कहा कि जिन किसानों के वर्क ऑर्डर जनवरी माह में जारी हुए थे, उनके यहां जून माह में पॉलीहाउस लगाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। प्रभावित किसान बोले- फसल नहीं बोई, बार-बार चक्कर, फिर भी नहीं सुनवाई प्रभावित किसानों में क्षेत्र के नारायण सिंह, बबलू प्रजापत, कांति बाई, कुमकुम सहित कई किसान शामिल हैं। इन किसानों ने बताया कि पॉलीहाउस योजना के तहत उन्हें आधुनिक तकनीक से खेती कर बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी। इसी कारण उन्होंने रबी और जायद सीजन की फसल भी नहीं बोई, ताकि समय पर निर्माण कार्य पूरा हो सके। लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं होने से उनकी कृषि योजना चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि समय पर पॉलीहाउस तैयार हो जाता तो वह सब्जियों और उच्च मूल्य वाली फसलों से अच्छी आय अर्जित कर सकते थे। अब उन्हें लाखों रुपए के संभावित उत्पादन नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।किसानों का आरोप है कि वह कई बार उद्यान विभाग के बारां कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। किसानों के अनुसार विभाग और संबंधित कंपनी के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा।