जयपुर के फिल्ममेकर दीपांकर प्रकाश की फिल्म ने मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (MIFF)-2026 में सिल्वर कॉन्च अवॉर्ड जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में मिली इस उपलब्धि ने प्रदेश की फिल्म प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। फिल्ममेकर दीपांकर प्रकाश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया है। दीपांकर की ओर से निर्मित इंडो-ईरानी शॉर्ट फिक्शन फिल्म 'अंडर द स्नो' (Under The Snow) को देश के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोह MIFF 2026 में 'सिल्वर कॉन्च- बेस्ट इंटरनेशनल शॉर्ट फिक्शन फिल्म' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान फिल्म के निर्माता दीपांकर प्रकाश ने समापन समारोह में निर्देशक नफीसेह जारे और सह-निर्माता कोट्टुकाथिरा प्रकाश की ओर से प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल जयपुर, बल्कि पूरे राजस्थान के फिल्म जगत के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों की फिल्मों के बीच इस फिल्म का सम्मानित होना भारतीय सिनेमा के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। थिएटर से शुरू हुआ सफर, अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान जयपुर में पले-बढ़े दीपांकर प्रकाश ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की। रंगमंच पर अभिनय और प्रस्तुति के अनुभव ने उन्हें फिल्म निर्माण की ओर प्रेरित किया। बाद में उन्होंने मुंबई का रुख किया और स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ऐसी फिल्मों का निर्माण किया, जिनकी कहानियों और प्रस्तुति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। अब तक दीपांकर तीन फीचर फिल्मों और कई शॉर्ट फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। उनकी फिल्मों का प्रदर्शन देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में हो चुका है और उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। भारत और ईरान के रचनात्मक सहयोग का उदाहरण बनी फिल्म 'अंडर द स्नो' भारत और ईरान के फिल्मकारों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। यह एक इंडो-ईरानी को-प्रोडक्शन है, जिसने दोनों देशों के रचनात्मक सहयोग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। फिल्म अपनी संवेदनशील कहानी, प्रभावशाली सिनेमैटोग्राफी और मानवीय भावनाओं की गहराई के कारण अंतरराष्ट्रीय जूरी को प्रभावित करने में सफल रही। मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से किया जाता है। यह देश का सबसे प्रतिष्ठित गैर-फीचर फिल्म महोत्सव माना जाता है, जहां दुनिया भर से चुनी हुई डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिक्शन और एनीमेशन फिल्मों का प्रदर्शन होता है। इस मंच पर सम्मान मिलना किसी भी फिल्म निर्माता के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।