राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सटीक पहचान करने तथा वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए रसद विभाग ने गिव अप अभियान 2.0 का शुभारंभ कर दिया है। खाद्य विभाग जयपुर द्वारा जारी निर्देशों के तहत यह विशेष सर्वे अभियान अक्टूबर से दिसंबर तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाएगा। जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ऐसे शहरी वार्डों को प्राथमिकता पर रखा गया है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है। जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने प्रवर्तन अधिकारियों और निरीक्षकों को अपने आवंटित वार्डों में घर-घर जाकर सत्यापन करने और प्रत्येक वार्ड में अधिकतम दो दिन के भीतर सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। दैनिक प्रगति रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। वार्डों में सर्वे और पहले दिन की प्रगति रिपोर्ट अभियान के तहत हाल ही में नगरपालिका के वार्ड 16 में सर्वे किया गया, जहां कुल 20 घरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 2 परिवारों के 10 सदस्यों ने स्वेच्छा से अपनी पात्रता छोड़ते हुए योजना का लाभ त्यागा। इस दौरान ईओ खीमाराम भी साथ मौजूद रहे। जिले में वर्तमान में लगभग 11 लाख लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र हैं। कार्रवाई की चेतावनी, स्वेच्छा से छोड़ने की अपील विभाग का मुख्य उद्देश्य अपवर्जन श्रेणी में आने वाले और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को चिह्नित कर सूची से हटाना है। जिला प्रशासन ने सक्षम परिवारों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ें, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा मिल सके। अपात्र पाए जाने पर और स्वेच्छा से नाम न हटाने की स्थिति में संबंधित परिवारों को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वंचित रह गए पात्र परिवारों को जोड़ा जाएगा सर्वे के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित रह गए पात्र परिवारों की भी पहचान की जा रही है। जिन पात्र परिवारों के नाम अभी तक एनएफएसए सूची में शामिल नहीं हैं, उनसे नए आवेदन लिए जाएंगे और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके नाम जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इससे योजना में पूरी तरह पारदर्शिता आएगी और खाद्य सुरक्षा का वास्तविक लाभ सही हकदारों तक पहुंच सकेगा।