शादी, सवामणी, भंडारा से लेकर सभी तरह की पार्टी-दावतों में अब केवल लाइसेंसशुदा हलवाई ही खाना पका पाएंगे। आयोजन कराने वालों को भी इसकी जानकारी विभाग को देनी होगी। इसको लेकर फूड सेफ्टी विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत मैरिज गार्डन, होटल, धर्मशाला, फार्म हाउस में दावतों-आयोजनों के लिए फूड लाइसेंस (FSSAI) जरूरी कर दिया गया है। ऐसे आयोजनों के लिए नियम और लाइसेंस की फीस तय की गई है। इससे अब सभी तरह के सार्वजनिक, धार्मिक, सामाजिक और सरकारी कार्यक्रम इस गाइडलाइन के दायरे में आ गए हैं। मंडे स्पेशल में पढ़िए- क्या-क्या नियम तय किए गए हैं? क्यों ऐसी गाइडलाइन बनाई गई है और उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी? सबसे पहले 5 पॉइंट में जानते हैं नई गाइडलाइन? 1. लाइसेंस की अनिवार्यता सभी जिलों में कार्यरत प्रत्येक हलवाई, कैटरर्स, भोज सेवा प्रदाता (सवामणी या भंडारे जैसे बड़े आयोजन करने वाले) और फूड से जुड़ा अन्य बिजनेस करने वालों को विभाग से लाइसेंस (FSSAI पंजीकरण ) लेना जरूरी होगा। विभाग के अफसर अपने जिले में संचालित सभी हलवाई, कैटरर्स और फूड बिजनेस चलाने वालों का सर्वे कर चेक करेंगे कि लाइसेंस है या नहीं। बिना लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन वालों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस की फीस तय, जानिए कैसे कर पाएंगे रजिस्ट्रेशन? कोई भी हलवाई/कैटरर्स खुद भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकता है। इसके लिए foscos.fssai.gov.in वेबसाइट पर जाकर जरूरी डिटेल भरनी होती है। ई-मित्र के जरिए भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। कितनी फीस लगेगी, यह लाइसेंस भी हलवाई या कैटरर्स के सालाना टर्नओवर पर निर्भर करता है। सेंट्रल लाइसेंस : अगर किसी हलवाई-कैटरर्स का 50 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर है तो उसे सेन्ट्रल लाइसेंस लेना होगा। स्टेट लाइसेंस : 50 करोड़ से कम टर्नओवर होने पर स्टेट लाइसेंस मिलता है। रजिस्ट्रेशन फीस कितनी? : किसी भी हलवाई को एक साल के लिए 5 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी। 2. सामूहिक भोज-आयोजनों की जानकारी जिले में जहां भी सामूहिक भोजन परोसा जाना प्रस्तावित हो, उनके आयोजक या संबंधित कैटरर्स-हलवाई को उसकी जानकारी आयोजन से पहले विभाग के संबंधित जिलाधिकारी डीओ को देनी होगी। 3. गार्डन, हॉल, होटल, धर्मशाला संचालकों के लिए भी नियम जिस परिसर यानी मैरिज गार्डन, बैंक्विट हॉल, कम्यूनिटी हॉल, होटल, धर्मशाला, फार्म हाउस या अन्य स्थल में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हो, उस परिसर के मैनेजमेंट के लिए भी कुछ नियम तय किए गए हैं। परिसर में केवल वैध FSSAI लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन धारक को ही भोजन तैयार करने और परोसने की अनुमति दी जाएगी। भोजन उपलब्ध कराने वाले हलवाई/कैटरर्स का नाम-FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन संख्या उपलब्ध हो, विभाग के अधिकारी कभी भी उसकी चेकिंग कर सकते हैं। 4. आयोजन के दौरान चेकिंग विभाग में जिले का अधिकारी (डीओ) यह सुनिश्चित करेगा कि बड़े आयोजनों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी प्रावधानों, व्यक्तिगत स्वच्छता, पेयजल, खाद्य पदार्थों के भंडारण, टेंपरेचर और कचरा मैनेजमेंट का पालन कराया जाए। 5. रजिस्ट्रेशन नहीं लेने पर क्या होगी कार्रवाई सभी डीओ अपने जिले में मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला, कम्यूनिटी हॉल, फार्म हाउस और अन्य आयोजन स्थलों के संचालकों के साथ कोआर्डिनेशन कर गाइडलाइन की जानकारी देने के साथ उसका पालन सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी आयोजन में बिना वैध FSSAI लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन के भोजन परोसा गया है या खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का किसी भी तरीके से उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। प्रत्येक खाद्य व्यवसाय संचालक के पास कारोबार और संचालन के पैमाने के आधार पर वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके बिना खाद्य व्यवसाय चलाने पर एफएसएसएआई की धारा 63 के तहत कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामले एडीएम कोर्ट में जाते हैं, जहां नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। नई गाइडलाइन से जुड़े सवालों के जवाब सवाल : सवामणी-भंडारे का आयोजन करवाने वाले को भी लाइसेंस लेना होगा क्या? जवाब : नहीं, आयोजक को अपने यहां हो रहे कार्यक्रम की सिर्फ जानकारी विभाग को देनी होगी। सवाल : घर पर ही 100-150 लोगों का भोजन-दावत करने पर लाइसेंस या इसकी जानकारी देनी होगी? जवाब : अगर घर पर ऐसा कोई आयोजन है और उसके लिए हलवाई या कैटरर्स रखा है तो जानकारी देनी होगी। सवाल : धार्मिक आयोजनों में गुरुद्वारे में लंगर, मंदिर में भंडारे के लिए भी लाइसेंस अनिवार्य है क्या? जवाब : अगर इस तरह के किसी भी आयोजन में कोई हलवाई या कैटरर्स खाना बनाएगा तो उसे अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सवाल : लाइसेंस नहीं लेने पर जुर्माना वसूला जाएगा क्या? जवाब : अभी लोगों और हलवाई-कैटरर्स को जागरूक किया जा रहा है। हां, इस दौरान किसी आयोजन में लोगों की तबीयत खराब हो जाती है तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई संभव है। अफसरों ने बताया क्यों लाई गई गाइडलाइन? फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट में जॉइंट कमिश्नर विजय प्रकाश शर्मा ने बताया कि हलवाई और कैटरर्स पर निगरानी रखने के लिए एसओपी जारी की गई है। किसी भी प्रकार के आयोजन की सूचना डीओ को देनी होगी। छोटी सी प्रक्रिया अपनाकर कोई भी लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन करा सकता है। संयुक्त कमिश्नर डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि आयोजकों को भी अपने यहां होने वाले कार्यक्रम-समारोह की जानकारी देनी होगी। डीओ ऑफिस में एक रजिस्टर मेंटेन किया जाएगा। नियमों की अवेहलना करने पर लाइसेंस निरस्त करने का भी प्रावधान है।