पूर्व सीएम अशोक गहलोत के मानेसर कांड को लेकर दिए बयान पर सियासी वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है। गहलोत के बयान पर अब केंद्रीय कला संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अशोक गहलोत पर पलटवार किया है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- अशोक गहलोत अपने नेतृत्व और कांग्रेस पार्टी को मानेसर में जो घटना हुई उसे कभी भूलने नहीं देना चाहते। मैंने उस घटना के समय भी कहा था और आज फिर कहता हूं उस घटना के रचनाकार, उस कहानी के रचयिता, उस पूरे ड्रामा के डायरेक्टर और उस ड्रामा का पटाक्षेप करने वाले सब खुद अशोक गहलोत साहब हैं। शेखावत ने कहा- सचिन पायलट तो मात्रा वहां एक मोहरा थे, अभी भी उसे मोहरे को किस तरह से अपने राजनीतिक वनवास को समाप्त करने के लिए उपयोग किया जाए इसलिए अशोक गहलोत साहब इस तरह के बयानबाजी करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। गहलोत ने कहा था- पायलट को अनुभव हो गया गलती करने के क्या अंजाम होते हैं? पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा था कि सचिन पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में रहेगी। अब जो पहले गुमराह करके हमारे लोगों को मानेसरले गए थे उनके मन की मन में ही रह जाएगी। सचिन पायलट को अनुभव हो गया है इस प्रकार की गलती करने के क्या अंजाम होते हैं। ठीक है ना? इसलिए अब वो समझ गए हैं, संभल गए हैं, समझ भी गए, संभल भी गए हैं। मैं उम्मीद करता हूं अब वो हमें छोड़ के कभी नहीं जाएंगे और हमारी पूरी पार्टी उनके साथ में एकजुट है। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा था- टोंक विधयक बहुरूपिया, उनकी एक टांग कांग्रेस में एक पता नहीं कहां रहती है बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने सोमवार को टोंक में पायलट पर तंज कसते हुए कहा था कि कि टोंक के स्थानीय विधायक हैं वे बहुरूपिया हैं, उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है, एक जाने कहां रहती है। अग्रवाल के अलावा टोंक के पूर्व बीजेपी विधायक ने पायलट को बाहरी बताते हुए अगले चुनावों में सबक सिखाने को कहा था। अग्रवाल और मेहता ने पायलट को यूपी से आकर यहां चुनाव लड़ने पर सवाल उठाए। बीजेपी प्रभारी के बयान के बाद सियासी वार-पलटवार, मानेसर फिर चर्चा में आया बीजेपी प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल के बयान के बाद सचिन पायलट को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के भीतर नेताओं में वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है। अग्रवाल ने इशारों में पायलट खेमे की बगावत पर तंज कसा तो गहलोत ने पलटवार करते हुए मानेसर कांड को केंद्र में रखकर नई बहस छेड़ दी। अब गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत पर पलटवार करते हुए मानेसर कांड के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया है। इस पूरे विवाद में एक बार फिर मानेसर कांड चर्चा में आ गया है जब जुलाई 2020 में अशोक गहलोत सरकार से नाराज सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने मानेसर में बाड़ेबंदी की थी। गजेंद्र सिंह के खिलाफ सरकार गिराने की साजिश के आरोप, शेखावत ने फोन टेंपिंग पर केस किया था सचिन पायलट खेमे की बगावत के वक्त तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत खेमे ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। गहलोत खेमे की तरफ से कुछ आॅडियो टेप जारी किए गए थे जिसमें गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज का दावा किया गया था। आॅडियो में शेखावत के कांग्रेस विधायकों से सौदेबाजी करने का दावा था। गजेंद्र सिंह के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। बाद में गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत के तत्कालीन ओएसडी लोकेश शर्मा और पुलिस अफसरों के खिलाफ फोन टैपिंग के आरोप लगाते हुए दिल्ली क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करवाया था। वो केस अब भी चल रहा है। सरकार बदलने के बाद गहलोत के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा भी गहलोत के खिलाफ हो चुके हैं, दिल्ली क्राइम ब्रांच में लोकेश शर्मा ने गहलोत के खिलाफ बयान दिए और कहा था कि जिस कथित आॅडियो टेप में विधायकों की खरीद फरोख्त का दावा था, वो अशोक गहलोत ने ही दी थी।