जोधपुर के पूर्व सांसद गजसिंह की जीवन यात्रा पर आधारित पुस्तक " बापजी : महाराजा ऑफ मारवाड़ जोधपुर : दी किंग हू वुड बी मैन " का मंगलवार रात लोकार्पण किया। पुस्तक में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के बारे में विस्तृत रूप से लिखा गया है, जिसमें महाराजा हनवंत सिंह की मृत्यु से लेकर उनकी पढ़ाई ओर राजपरिवार से जुड़े जीवन, राजतिलक आदि की जानकारी है। वहीं पूर्व सांसद गज सिंह व जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के दुर्लभ और नए चित्रों का समावेश किया गया है। लोकार्पण समारोह मुंबई नरीमन प्वाइंट स्थित देश के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र नेशनल सेंटर फॉर दी परफॉर्मिंग आर्ट्स हुआ। गजसिंह बोले- जीवन में परिवार का प्रभाव रहा लोकार्पण समारोह में गजसिंह ने कहा कि पुस्तक को लिखने में अमननाथ और योगी वैद्य की ओर से अच्छा व सराहनीय प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में अपनी विरासत को संभालना और उसे दुनिया भर में पहचान देना " द किंग हू वुड बी मैन " की सच्ची कहानी है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से कुछ महीने बाद उनका जन्म हुआ था। 7 अप्रैल 1949 में जोधपुर रियासत का भारत में विलय हुआ था। जोधपुर राजपरिवार की विरासत का प्रभाव रहा है कि आप जो भी काम करें उसे पूरे समर्पण के साथ करें। अपनी विरासत को बचाकर रखें। इस समाज में लीडरशिप की भूमिका निभाए। गजसिंह ने कहा कि उनके जीवन को अच्छे तरीके से आकार देने, काम करने में,सांस्कृतिक मूल्यों में दादा महाराजा उम्मेद सिंह, पिता महाराजा हनवन्त सिंह , मां कृष्णा कुमारी का काफी प्रभाव रहा। साथ ही बहिने शैलेश कुमारी व चंद्रेश कुमारी, पत्नी हेमलता राज्ये , पुत्र शिवराज सिंह, पुत्री शिवरंजनी राज्ये व बहू युवरानी गायत्री राज्ये सभी का सहयोग रहा है। उन्होंने इस अवसर पर दोनों लेखकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह को पुस्तक के लेखक अमननाथ व योगी वैद्य ने भी संबोधित किया और पुस्तक के प्रकाशन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।