महिला आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी का दौर चल रहा है। शनिवार को बाड़मेर कांग्रेस प्रभारी और भोपालगढ़ कांग्रेस विधायक गीता बरवड़ ने बीजेपी पर महिला आरक्षण को लेकर राजनीति करने के आरोप लगाए है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि तीन दिन के लिए स्पेशल लोकसभा बुलाई गई। 33 प्रतिशत आरक्षण में न तो जनगणना की जरूरत है, और न ही परिसीमन की आवश्यकता है। वर्तमान लोकसभा सीटों पर 33 प्रतिशत आरक्षण क्यूं नहीं कर रहे हो। बीजेपी सरकार ने 2023 में महिला विधेयक पास कर दिया था। उसको 2024 लोकसभा चुनाव में लागू नहीं किया गया। विधायक ने बीजेपी को महिला विरोधी पार्टी कहा है। भाजपा पर भ्रमित करने का आरोप विधायक ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिला आरक्षण कानून बना लिया था। लेकिन इन्होंने लोकसभा चुनाव में लागू नहीं किया। इस कानून को जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया। इससे बीजेपी की मंशा साफ दिख रही है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिले। सरकार जवाब दें कि 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित होने और राष्ट्रपति से स्वीकृत मिलने के बाद भी यह कानून 16 अप्रैल 2026 की रात को 11 बजे के बाद नोटिफिकेशन जारी किया। विधायक ने आरोप लगाया कि बीजेपी की ओर से केवल भ्रमित और चुनावी राज्यों में लाभ लेने के लिए यह बिल लेकर आई है। वहीं विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाए जा रहे है। विधायक का कहना है कि हमारा तो यह कहना है कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से नहीं जोड़ा जाए।