राजस्थान के व्यापारी की घाना में उनके नौकरों ने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी। व्यापारी ने नौकरों से 2 महीने के कारोबार का हिसाब मांगा। इसके बाद जब वे कैश लेकर निकले तो उनके एक नौकर ने बदमाशों को लोकेशन दे दी। दूसरे ने CCTV में कैद सबूत मिटाने के लिए DVR गायब कर दी। इसके बाद रास्ते में उनकी चाकू से गोद कर हत्या की और शव कार में डालकर जंगल में छोड़ कर फरार हो गए। मामले में घाना पुलिस ने आरोपी नौकर जॉन अडोकपो उर्फ पीटर, कैमरा टेक्नीशियन हाकिम कुदजो जूनियर और 2 साथी उस्मान मोरो और मोरो सुले को गिरफ्तार किया है। व्यापारी देवेन्द्र सैन (35) झुंझुनूं के अलसीसर के रहने वाले थे। शनिवार को उनका शव उनके घर पहुंचा तो पूरे गांव की आंखें नम हो गई। वे परिवार में इकलौते थे। अब पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और 2 बच्चे रह गए। 2 महीने का हिसाब मांगा था, इसमें थी गड़बड़ी शव लेकर आए मान महेंद्र सिंह- देवेंद्र करीब 8 साल से घाना के कुमासी में ग्रॉसरी शॉप चलाते थे। देवेंद्र पिछले 2 महीने से अपने परिवार के साथ अलसीसर आए हुए थे। वे 20 अप्रैल को भारत से रवाना हुए और 21 अप्रैल को घाना के कुमासी शहर पहुंचे। वापस पहुंचते ही उन्होंने अपने कर्मचारियों से पिछले 2 महीनों के कारोबार का हिसाब मांगा। हिसाब में गड़बड़ी निकली थी। रास्ते में रोक कर चाकू मारे, कार में शव डाल भागे महेंद्र सिंह ने बताया- 23 अप्रैल को देवेंद्र अपने दुकान से कैश लेकर निकले थे। उनके घर के नौकर जॉन अडोकपो उर्फ पीटर ने बदमाशों उस्मान मोरो और मोरो सुले को उनकी लोकेशन दे दी। उस्मान और मोरो सुले ने उन्हें रास्ते में रुकवा कर उनपर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद शव को उन्हीं की कार की डिग्गी में डालकर वीरान इलाके में छोड़ दिया गया। 3 दिन से मिसिंग थे शव लेकर आए सुनील जोशी ने बताया- अलसीसर के रहने वाले लोगों ने जब देवेंद्र से संपर्क करने की कोशिश की तो 3 दिन दिन तक उनका कोई पता नहीं चला। तब उन्होंने राजस्थान एसोसिएशन शेखावाटी ग्रुप को सूचना दी। ग्रुप ने एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच कर शव को ढूंढा। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया। राजस्थान एसोसिएशन घाना के यशपाल राठौर फाउंडर व अध्यक्ष कनिका राजपुरोहित की मदद से शव भारत आ पाया। नौकर ने लोकेशन दी, टेक्नीशियन ने DVR उड़ा दी हाकिम कुदजो जूनियर इस लूट और हत्या का मास्टरमाइंड था। वो देवेंद्र के ऑफिस में कैमरा टेक्नीशियन के रूप में काम करता था। उसने सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी की DVR बदल दी थी। दूसरा जॉन अडोकपो उर्फ पीटर, इसने देवेंद्र की रैकी कर बदमाशों को उनकी लोकेशन दी थी। रास्ते में उन्हें उस्मान मोरो और मोरो सुले ने रुकवाया। चाकू मारकर हत्या की और कैश लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया आईफोन, कैश और ऑफिस से चोरी किया गया DVR बरामद कर लिया है। फिलहाल चारों आरोपी घाना पुलिस की गिरफ्त में हैं।