उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र में श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता बंद किए जाने के कारण अंतिम यात्रा को अचानक रास्ते में ही रोकना पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने रास्ते में अ​र्थी रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला मोड़ी ग्राम पंचायत में वेलावतों की भागल का है। आज सुबह बुजुर्ग अंबाव सिंह राजपूत ​का निधन हो गया था। इनके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जाया जा रहा था। तभी रास्ते में कांटेदार झाड़ियों से रास्ता बंद मिला। जिससे अंतिम यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर अर्थी रख ली और वहीं बैठ गए। रास्ता बंद देखकर परिजनों की बुरी तरह रुलाई फूट पड़ी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल रास्ता खुलवाने की मांग उठाई। 10 दिन पहले प्रशासन को अवगत कराया था ग्रामीणों का कहना है कि यह कई साल पुराना रास्ता है, जिसका उपयोग अंतिम संस्कार सहित अन्य काम के लिए गांव के लोग आवागमन के लिए उपयोग करते आ रहे हैं, लेकिन जमीन के विवाद के लेकर खातेदार ने यह रास्ता करीब 10 दिन पहले कांटे लगाकर बंद कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद करने के बाद गुंदा उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और गोगुंदा पुलिस को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट का रास्ता खुलने तक अंतिम संस्कार संभव नहीं है। इनपुट: गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा