भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर में न्यायिक अधिकारियों ने ईंधन बचत व पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यालय आने-जाने में साइकिल का उपयोग शुरू किया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजिताभ आचार्य लंबे समय से नियमित रूप से साइकिल से कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाड़मेर के सचिव मुकेश कुमार भी साइकिल से ही कार्यालय आ-जा रहे हैं। इस कदम को राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के निर्देशों की स्थानीय स्तर पर अनुपालना के रूप में देखा जा रहा है। ये निर्देश भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन के बाद जारी किए गए थे। निर्देशों में न्यायिक कामकाज को बिना बाधा चलाने, प्रशासनिक खर्च घटाने और ईंधन संरक्षण पर जोर दिया गया है। इसमें न्यायिक अधिकारियों को वाहन साझा करने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान से जुड़ी है, जिसमें डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और प्रदूषण घटाने की बात कही गई थी। दोनों अधिकारियों ने कहा कि ईंधन की बचत और पर्यावरण को स्वच्छ रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक साइकिल का उपयोग ईंधन खपत घटाता है।