राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संचालित 'ग्राम रथ' मंगलवार को नैनवां पंचायत समिति की गंभीरा ग्राम पंचायत पहुंचा। इस अवसर पर जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। जिला कलेक्टर यादव ने बताया कि 'ग्राम रथ' का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान, युवा, मातृशक्ति और आमजन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाना है। कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतें और समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने अवरुद्ध नाला ठीक करवाने, स्कूल भवन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करवाने, उप स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खराब हैंडपंप ठीक करवाने जैसी मांगें रखीं। जिला कलेक्टर ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। योजनाओं की जटिल प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाने के लिए कला का भी उपयोग किया गया। स्थानीय कलाकारों के दल ने स्थानीय भाषा में एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। इस नाटक के माध्यम से कलाकारों ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की जानकारी रोचक और सहज अंदाज में दी। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी नैनवां भागचंद रैगर, तहसीलदार नैनवां रामराय मीणा, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित थे। राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर जिले में राजस्व अधिकारियों की एक बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिला कलेक्टर ने लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन और किसानों से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को राजस्व मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि सभी उपखंड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से कोर्ट केस की सुनवाई सुनिश्चित करें। न्यायालय संबंधी कार्रवाइयों और फैसलों में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने 'इजराय पालना' की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी तहसीलदारों को लंबित अतिक्रमण के प्रकरणों में तुरंत और प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि काश्तकारों को उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए रास्ता सुलभ कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। जिला कलेक्टर ने राजस्व अधिनियम की धारा 251-ए के तहत रास्ता दिलाने के प्रकरणों को सर्वोपरि रखते हुए किसानों को राहत प्रदान करने को कहा। इसके अतिरिक्त, खेतों की पत्थरगढ़ी (सीमाज्ञान) के लंबित मामलों और अनुसूचित जाति (एससी) व अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की जमीनों के अवैध हस्तांतरण से जुड़े संवेदनशील मामलों का भी त्वरित गति से निपटारा करने के सख्त निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर ने जर्जर भवनों की सेफ्टी ऑडिट सभी उपखंडों पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरम्मत योग्य भवनों की शीघ्र मरम्मत करवाई जाए। उन्होंने ग्राम सेवा सहकारी समिति के भूमि आवंटन के लंबित प्रकरणों के निस्तारण की जानकारी लेकर आगामी एक माह में प्राथमिकता के साथ प्रस्ताव बनवाकर भेजने को कहा। साथ ही, भूमि अवाप्ति के प्रकरणों में लंबित मुआवजा राशि शीघ्र जारी करने के भी निर्देश दिए गए। समस्याओं को प्राथमिकता के साथ निस्तारित किया जावें और आमजन को गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्ध हो। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण हटाने संबंधी प्रकरणों में पुलिस बल की आवश्यकता होने पर जाब्ता उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद रवि वर्मा, समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।