झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी में प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। हिस्ट्रीशीटर रोहित महला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस, प्रशासन और अजमेर डिस्कॉम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बड़ की ढाणी में सरकारी जोहड़ भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करके जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है। दो दिन पहले रोहित महला और विकास फौजी गैंग के बीच झगड़ा और हवाई फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में हुआ और ये कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस मामले में दोनों गुटों के कुल 9 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र का है। कार्रवाई मंगलवार शाम 4 बजे हुई। डेढ़ घंटे चली कार्रवाई SHO गौरव प्रधान ने बताया- टीम ने भारी पुलिस जाब्ते के बीच करीब डेढ़ घंटे तक कार्रवाई की। जेसीबी मशीन से निर्माणाधीन ढांचे को गिरा दिया गया। साथ ही, मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री को जब्त कर ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया। इसके अलावा, अजमेर डिस्कॉम की टीम ने वहां चल रहे अवैध बिजली कनेक्शन को काटकर वीसीआर (VCR) भरने की कार्रवाई की। दो दिन पहले गैंगवार और फायरिंग हुई SHO गौरव प्रधान ने बताया- यह कार्रवाई क्षेत्र में हाल ही में हुए एक विवाद के बाद हुई है। दो दिन पहले रोहित महला और विकास फौजी गैंग के बीच झगड़े के साथ हवाई फायरिंग की घटना हुई। इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया। ​पुलिस ने इस मामले में दोनों गुटों के कुल 9 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। विकास फौजी गुट से विकास चौधरी, विकास फौजी, धर्मेंद्र और वीरेंद्र सहित पांच लोगों को, जबकि रोहित महला गुट से अंकित और संदीप सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर रोहित महला अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। ​एसपी ने दिया सख्त निर्देश SHO गौरव प्रधान ने बताया- ​घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कावेंद्र सागर खुद मंगलवार को गुढ़ागौड़जी पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली। एसपी ने फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। ​यह है मामला SHO गौरव प्रधान ने बताया- ​जानकारी के अनुसार हिस्ट्रीशीटर रोहित महला ने बड़ की ढाणी में स्थित करीब 10 बीघा सरकारी जोहड़ भूमि पर अवैध रूप से गौशाला का निर्माण शुरू कर दिया था। इस जमीन पर उसने एक सामुदायिक भवन भी बना लिया था। प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत टीम गठित कर मौके पर करवाई की।