राजसमंद जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। नाथद्वारा स्थित करीब 350 वर्ष पुराने सिहाड हनुमान मंदिर में विशेष आकर्षण देखने को मिला, जहां तड़के से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। मंदिर में पुजारियों द्वारा भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया, वहीं श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में संगीतमय सुंदरकांड का पाठ भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। श्रीनाथ जी सिंहाड में रुके थे मान्यता के अनुसार, करीब 350 वर्ष पूर्व जब श्रीनाथजी नाथद्वारा पधारे थे, तब वे सबसे पहले सिहाड गांव में रुके थे। मंदिर के पीछे स्थित सिहाड तालाब और परिसर में विराजित राम, सीता व लक्ष्मण की प्रतिमाएं भी श्रद्धा का केंद्र बनी हुई हैं। मंदिर के बाहर स्थित प्राचीन पीपल के पेड़ के नीचे बने महादेव मंदिर में भी भक्तों का निरंतर आना-जाना लगा हुआ है। इसके अलावा उमराया स्थित बालाजी मंदिर में भी बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन किए गए। जहा संगीतमय सुन्दर कांड व ध्वजारोहण किया गया। उमराया में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी शामिल हुए। वहीं शहर में आज शाम शोभायात्रा और त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां बडी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बाद में कांकरोली से शोभायात्रा निकाली गई जो शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए राजनगर नर्बदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची।