खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए कृषि विभाग ने हनुमानगढ़ जिले में सात दिवसीय जांच अभियान शुरू किया है। बुधवार से शुरू हुए अभियान में जिले के सभी आठ ब्लॉक में खाद और कृषि सामग्री बेचने वाली दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। हनुमानगढ़ ब्लॉक में पहले दिन करीब 25 दुकानों की जांच की गई, जहां अधिकारियों को कोई गड़बड़ी नहीं मिली। इस ब्लॉक में कुल 1502 लाइसेंस हैं। जांच के दौरान दुकानों में खाद के स्टॉक, गोदाम और वितरण रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है, ताकि उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। स्टॉक से लेकर गोदाम तक की जांच सहायक निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, गोदाम और उपलब्ध खाद की जांच ऑनलाइन क्यूसी ऐप के माध्यम से की जा रही है। इसके तहत पिछले छह महीने में दुकानों को मिले यूरिया और डीएपी के वितरण का हिसाब खंगाला जा रहा है। जांच का उद्देश्य उर्वरकों के वितरण पर निगरानी रखना और यूरिया के गलत इस्तेमाल को रोकना है। सात दिन में सभी फर्मों का निरीक्षण करने का लक्ष्य जिले के सभी आठ ब्लॉक में निरीक्षण के लिए टीमों को मंडीवार ड्यूटी सौंपी गई है। अभियान के तहत खाद और कृषि सामग्री बेचने वाली सभी संबंधित फर्मों की जांच सात दिन में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे खाद के स्टॉक और वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने के साथ किसानों के हितों की रक्षा की जा सकेगी। पहले दिन तीन कृषि अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण हनुमानगढ़ ब्लॉक में निरीक्षण करने वाली टीम में सहायक निदेशक डॉ. संदीप कुमार, सहायक निदेशक कृषि विस्तार डॉ. राधेश्याम और कृषि अधिकारी पौध संरक्षण प्रियंका शामिल रहे। टीम ने पहले दिन करीब 25 दुकानों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान पर अनियमितता सामने नहीं आई।