हनुमानगढ़ जिले में मानसून की सक्रियता का इंतजार लगातार बढ़ रहा है। पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से भीषण गर्मी और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सुबह से ही बादलों के बीच धूप और दोपहर में उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम में नमी बढ़ने के बावजूद वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता गहरी हो गई है। सबसे अधिक परेशानी बारानी (वर्षा आधारित) क्षेत्र के किसानों को हो रही है। इन इलाकों में खरीफ फसलों की बुवाई बारिश के भरोसे होती है। फसलों को हो रहा नुकसान पर्याप्त बरसात नहीं होने और लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेतों में अंकुरित फसलें झुलसने लगी हैं। खासतौर पर मूंगफली की फसल पर संकट मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और कई स्थानों पर फसलें पूरी तरह झुलस सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में भी गर्मी से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री, शुक्रवार को 41 डिग्री और शनिवार तक 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। किसानों को मानसून की बारिश का इंतजार इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और आर्द्रता 69 से 78 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है, जिससे उमस और अधिक महसूस हो सकती है। उमस के चलते बिजली की मांग में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे अघोषित कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है। किसानों और आमजन की निगाहें अब मानसून की बारिश पर टिकी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादल बने रहने से स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना रहती है, हालांकि प्रभावी वर्षा के लिए मानसूनी तंत्र के और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है। फिलहाल जिले में गर्मी, उमस के बीच बारिश का इंतजार जारी है।