हनुमानगढ़ जंक्शन में मंगलवार को सेंट्रल वेयर हाउस पल्लेदार व मजदूर यूनियन (सीटू) का 16वां सम्मेलन हुआ। इसमें मजदूरों के 44 श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में बदलने का विरोध किया गया। सम्मेलन में यूनियन की सालभर की गतिविधियों और हिसाब-किताब पेश किया गया। पिछली कमियों को दूर करने और मजदूरों, किसानों व व्यापारियों के हक के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया। नई कार्यकारिणी का चुनाव भी हुआ। सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप वक्ताओं ने राजस्थान सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन सरकार के कहने पर काम कर रहा है और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश हो रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि इलाके में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन चोरों को पकड़ने के बजाय झूठे मुकदमे दर्ज कर लोकतांत्रिक गतिविधियों को रोका जा रहा है। मजदूरों की अनदेखी का आरोप केंद्र और राज्य सरकार पर मजदूरों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नेताओं ने कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 4 लेबर कोड में बदलना मजदूरों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसके खिलाफ आंदोलन तेज करने की बात कही गई। सम्मेलन को बलदेव सिंह, सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह और बसंत सिंह सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। बुधवार को कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की गई।