हनुमानगढ़ सेशन कोर्ट ने पत्नी हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश तनवीर चौधरी की अदालत ने गांव अराईयांवाली निवासी आत्माराम उर्फ लाभा पुत्र मंगूराम को दोषी करार देते हुए 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। लोक अभियोजक मनोज शर्मा ने बताया कि यह प्रकरण 22 अक्टूबर 2021 का है। अराईयांवाली निवासी रूकमा देवी उर्फ रूकिया पत्नी आत्माराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस संबंध में मृतका के पिता महावीर निवासी रावतसर ने टाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवादी महावीर ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसका दामाद आत्माराम उसकी बेटी रूकमा को काफी समय से परेशान कर रहा था। इसे लेकर पंचायत भी हुई थी, लेकिन वह नहीं माना। महावीर ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वह सरदारशहर क्षेत्र के एक गांव में नरमा चुगाई के लिए गया था। फोन पर उसे रूकमा की मौत की सूचना मिली। अराईयांवाली पहुंचकर उसने देखा तो कमरे में उसकी बेटी का शव पड़ा था। महावीर ने आरोप लगाया था कि रूकमा के पति आत्माराम ने उसकी बेटी के सिर पर चोट मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में हनुमानगढ़ टाउन पुलिस थाने में धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। लोक अभियोजक मनोज शर्मा ने जानकारी दी कि मामले की सुनवाई के दौरान 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा, 44 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मृतका के पति आत्माराम उर्फ लाभा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यदि अर्थदंड जमा नहीं करवाया जाता है, तो दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।