हनुमानगढ़ में गौड़ ब्राह्मण सभा भवन में नवनिर्मित मंदिर में 5 देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। इनमें भगवान परशुराम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान हनुमान, माता दुर्गा और भगवान भोलेनाथ शामिल हैं। इस धार्मिक समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, समाज की उन्नति और परिवारों की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। नई पीढ़ी को संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना है उद्देश्य सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना भी है। यह मंदिर भविष्य में समाज के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां नियमित रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। धार्मिक आयोजन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे की व्यवस्था की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला, जिसमें समाज के वरिष्ठजनों के साथ युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर डॉ. एम.पी. शर्मा, डॉ. भारत भूषण शर्मा, आशीष पारीक, अखिलेश कौशिक, सुरेश कुमार कौशिक, ओमप्रकाश बिश्नोई, हंसराज शर्मा, प्रदीप एरी, सूर्यप्रकाश जोशी, रामनाथ शर्मा, महेंद्र कुमार शर्मा, भवानी शंकर शर्मा, मनोज पालीवाल, युवा ब्राह्मण सभा अध्यक्ष सुबोध शर्मा और बजरंग गौड़ सहित अनेक समाजबंधु मौजूद रहे।