सीकर में 7 फरवरी 2025 को प्राइवेट सेंटर पर आयोजित हुई SSC-GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में खुद की जगह डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में सीकर पुलिस ने 2 हजार रूपए के इनामी आरोपी सचिन मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हरियाणा में फरारी काटने के बाद गुजरात गया। लेकिन वहां नौकरी नहीं मिली। आरोपी सीकर आया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। सीकर के धोद DYSP राजेश ढाका ने बताया कि आरोपी सचिन मलिक(22) पुत्र जय भगवान जाट निवासी पूर्णपुरा,भिवानी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पहले तो हरियाणा में अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां पर फरारी काटी। उसके बाद आरोपी नौकरी करने के मकसद से गुजरात गया। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के चलते उसका वेरिफिकेशन नहीं हो सका और उसे नौकरी नहीं मिली। ऐसे में वापस आरोपी आ गया। पुलिस को ह्यूमन इंटेलिजेंस से सूचना मिली कि आरोपी सीकर आया हुआ है। जहां पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल SSC-GD का एग्जाम 7 फरवरी 2025 को ऑनलाइन एग्जाम हुआ था। एग्जाम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से करवाया गया था। सीकर में SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान पर सेंटर था। एग्जाम के बाद 10 फरवरी को कंसल्टेंसी सर्विसेज IEG के पर्यवेक्षक नरेश कुमार ने SBS का दौरा किया था। उन्होंने सेंटर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को चेक किया था, जिसके बाद डमी कैंडिडेट की ओर से परीक्षा देने का खुलासा हुआ था। इसके बाद सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। इसके बाद मामले में TCS के 2 कर्मचारी राकेश,दिनेश,डमी कैंडिडेट सचिन,बजरंगलाल को गिरफ्तार किया गया था। मामले में अब असल कैंडिडेट सचिन मलिक की गिरफ्तारी हुई है। अब सेंटर संचालक संदीप फरार है। दिल्ली में मिले थे सेंटर संचालक और असली कैंडिडेट 7 फरवरी 2025 को SSC-GD की परीक्षा थी। भादरा, हनुमानगढ़ के रहने वाले संदीप ने सीकर के SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के ऑनलाइन एग्जाम सेंटर को एक साल से अनुबंध पर ले रखा था। संदीप की असली कैंडिडेट सचिन मलिक से दिल्ली में मुलाकात हुई थी। वह दिल्ली में कोई परीक्षा देने के लिए गया था। तब संदीप ने उससे कहा था- वह उसे ऑनलाइन एग्जाम में पास करवा देगा। संदीप ने उसके मोबाइल नंबर भी ले लिए थे। दिल्ली में एग्जाम देने के बाद असली कैंडिडेट सचिन मलिक अपने घर चला गया था। इसके बाद संदीप ने वॉट्सऐप के जरिए उससे संपर्क किया। SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में उसकी जगह डमी कैंडिडेट बैठाने के लिए दोनों के बीच डेढ़ लाख रुपए में डील फाइनल हुई। डील फाइनल होने के बाद एग्जाम के दिन 7 फरवरी को असली कैंडिडेट सचिन मलिक सीकर पहुंचा। जहां संदीप ने सेंटर स्टाफ के साथ मिलीभगत करके डमी कैंडिडेट (सचिन) को एंट्री दिलवा दी। परीक्षा के दौरान असली कैंडिडेट संदीप मलिक वॉशरूम में रहा और उसकी जगह डमी कैंडिडेट हरियाणा निवासी सचिन ने परीक्षा दी। SSC-GD परीक्षा का रिजल्ट कुछ महीने बाद ही आ गया था। इसमें डमी कैंडिडेट की बदौलत असली कैंडिडेट की ऑल इंडिया लेवल पर 34 वीं रैंक आई है। हालांकि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सीकर के ऑनलाइन सेंटर SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान को एग्जाम के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी में सीओ धोद ऑफिस के हैड कांस्टेबल मंगलाराम,कांस्टेबल पवन, देवकीनंदन और सदर पुलिस थाने के कांस्टेबल अनिल की विशेष भूमिका रही।