राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत जिला कारागृह में बंदियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और बैरकों की सफाई स्थिति का जायजा लेने के लिए निरीक्षण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुंदर लाल खारोल तथा लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल की टीम ने जेल परिसर का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बंदियों से सीधे संवाद कर उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और उनके मामलों में पैरवी के लिए नियुक्त वकीलों की जानकारी ली गई। जिन बंदियों के पास वकील उपलब्ध नहीं थे, उन्हें नियमानुसार निशुल्क विधिक सहायता दिलाने के लिए तुरंत आवेदन तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए। बैरकों और मेस का जायजा, 386 बंदियों के स्वास्थ्य व भोजन पर हुई चर्चा : निरीक्षण के समय जिला कारागृह में कुल 386 बंदी निरुद्ध पाए गए। अधिकारियों ने रसोई घर में जाकर भोजन की गुणवत्ता की जांच की और बंदियों से बातचीत कर खाने-पीने या रहने के स्तर पर आ रही किसी भी समस्या के बारे में पूछा। बंदियों ने बताया कि कारागृह में नियुक्त चिकित्सक द्वारा नियमित रूप से उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और भोजन व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं है। दौरे के दौरान एक बंदी ने बवासीर की बीमारी से पीड़ित होने की बात सामने रखी। इस पर कारागृह प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जिला चिकित्सालय तथा जेल चिकित्सक की सलाह के अनुसार बंदी को समय पर दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं। निरीक्षण के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुंदर लाल खारोल, जिला कारागृह अधीक्षक सौरभ स्वामी, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल हरीश भाटी, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल दिनेशचंद तेलकार और असिस्टेंट दीपेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे।