जैसलमेर जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले जिले में अब स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुगम और त्वरित होंगी। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत नीति अनटाइड फंड से क्रय की गई 50 इलेक्ट्रिक स्कूटी का वितरण किया गया। स्वास्थ्य भवन परिसर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि विधायक छोटूसिंह भाटी और कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को चाबियां सौंपी। विधायक भाटी ने कहा कि जैसलमेर की दूरियां और कठिन रेतीले रास्ते चिकित्सा सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती रहे हैं। अब इन ई-स्कूटी के माध्यम से एएनएम दूरस्थ ढाणियों और सीमावर्ती गांवों तक पहुंचकर ग्रामीणों को त्वरित राहत दे सकेंगी। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने निर्देश दिए कि संसाधन मिलने के बाद अब स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से हीटवेव से बचाव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और 14-15 वर्ष की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण पर फोकस को कहा। इस दौरान सीईओ रश्मि रानी, एसडीएम सक्षम गोयल, सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर स्कूटी सवार एएनएम को उनके कार्य क्षेत्रों के लिए रवाना किया। ढाणियों तक आसान पहुंच: जैसलमेर में छोटे-छोटे घर (ढाणियां) काफी दूर स्थित हैं। सार्वजनिक परिवहन के अभाव में अब तक एएनएम को वहां पहुंचने में कठिनाई होती थी, जो अब खत्म होगी। समय की बचत और रिस्पांस: पैदल या अन्य साधनों पर निर्भरता घटने से टीकाकरण और आपातकालीन जांच में समय बचेगा। एक कार्यकर्ता अब एक दिन में अधिक परिवारों को कवर कर पाएगी। इको-फ्रेंडली और किफायती: ये वाहन प्रदूषण मुक्त हैं। इलेक्ट्रिक होने के कारण पेट्रोल का खर्च शून्य है और मेंटेनेंस न के बराबर है, जिससे विभाग पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। सशक्तिकरण और सुरक्षा: स्वतंत्र वाहन मिलने से महिला कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। सुरक्षा के लिए सभी को हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। विशेष अभियानों में गति: लू-तापघात से बचाव और किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण जैसे समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में यह वाहन गेम चेंजर साबित होंगे। कलेक्टर ने एएनएम को स्पष्ट किया कि अब उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्राथमिकता के तौर पर लू (हीटवेव) से बचाव की जानकारी घर-घर पहुंचाना और किशोरियों का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में समाजसेवी अरुण कुमार पुरोहित, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एमडी सोनी, डीपीओ विजयसिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा सहित विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे। मंच संचालन उमेश आचार्य ने किया।