प्रदेश में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर आज भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने राज्य चुनाव आयोग से कहा कि 5 दिन में (सोमवार तक) चुनाव की तारीख बताएं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि सोमवार तक ओबीसी आयोग रिपोर्ट देने की तारीख और राज्य सरकार लॉटरी निकालने की तारीख बताए। सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के सदस्य सचिव मौजूद रहे। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयुक्त से कहा- आप क्यों चाहते हैं कि हम आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करें। इस पर चुनाव आयुक्त ने कहा- हमारी तैयारी पूरी है। हमें सरकार ने आरक्षण का वर्गीकरण करके नहीं दिया है। अगर सरकार हमें लॉटरी निकालकर दे देती है तो हम 2 दिन में चुनाव प्रक्रिया शुरू कर देंगे। वहीं ओबीसी आयोग को लेकर कोर्ट ने कहा- जब 9 मई 2025 को सरकार ने 3 महीने के लिए आयोग का गठन किया था तो आपने रिपोर्ट क्यों नहीं दी। अगर आपसे काम नहीं होता है तो मना कर दीजिए। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार क्यों? हाईकोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह से कहा- जब हमने कह दिया था कि आप ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं करेंगे तो आपने चुनाव की घोषणा क्यों नहीं की। ओबीसी आयोग से कहा- जब हमने 31 जुलाई तक चुनाव कराने के निर्देश दे रखे थे तो आपने रिपोर्ट देने के लिए 14 अगस्त तक की डेट कैसे दे दी। इसका मतलब है कि आप कोर्ट के आदेश की पालना नहीं करना चाहते हैं। इस पर ओबीसी आयोग ने कहा- हमारे पास संसाधन नहीं थे, इसलिए रिपोर्ट नहीं दे सके। इस पर कोर्ट ने कहा- हर हाल में आदेश की पालना होनी चाहिए। दरअसल, हाईकोर्ट ने 22 मई के आदेश से सरकार और चुनाव आयोग को प्रदेश में 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक चुनाव आयोग ने इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं की है। --- ये खबर भी पढ़िए- पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी:कहा-इलेक्शन कमीशन सक्षम नहीं तो हम किसी को अपॉइंट कर देते हैं; CEC को तलब किया राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव तय समय सीमा में नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा- अगर राज्य चुनाव आयोग इलेक्शन कराने में सक्षम नहीं है तो हम हाईकोर्ट से किसी को चुनाव कराने के लिए अपॉइंट कर देते हैं। हाईकोर्ट ने सरकार से कहा- हमें सख्त आदेश पास करने के लिए मजबूर मत कीजिए। (पढ़िए पूरी खबर)