सीकर कलेक्टर ने सरकारी स्कूल के खेल मैदान को मैसर्स बाजोर डेजर्ट सफारी एंड रिसोर्ट को आवंटित कर दिया। यह कंपनी पूर्व विधायक और सैनिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन प्रेम सिंह बाजौर से जुड़ी है। कंपनी इस जमीन पर रिसोर्ट और सफारी बनाना चाहती थी। लोगों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कलेक्टर सीकर के 5 फरवरी 2026 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार, रेवेन्यू विभाग, कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा- अगली तारीख तक जिला कलेक्टर के आदेश के क्रियान्वयन पर पूरी तरह से रोक रहेगी। वहीं, स्कूल पहले की तरह ही खेल के मैदान का उपयोग करता रहेगा। प्रिंसिपल ने कहा- खेल मैदान 400 मीटर दूर वकील केतन धाभाई ने कोर्ट को बताया कि सीकर जिले में बाजौर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल को साल 2023 में खेल मैदान के लिए 2 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। प्रिंसिपल ने स्कूल डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कमेटी के साथ बैठक कर कलेक्टर को लेटर के माध्यम से बताया कि स्कूल से 400 मीटर की दूरी पर यह खेल मैदान है, जो बच्चों के लिए परेशानी पैदा करता है। कलेक्टर ने इस लेटर के आधार पर 5 फरवरी 2026 को यह आवंटन निरस्त कर दिया।हालांकि स्कूल को खेल मैदान के लिए दूसरी जमीन आवंटित नहीं की। सैनिक कल्याण बोर्ड के चैयरमेन से जुड़ी कंपनी उन्होंने बताया- जिला कलेक्टर ने स्कूल का आवंटन निरस्त करने के चार दिन बाद ही 19 फरवरी 2026 को इस जमीन को मैसर्स बाजोर डेजर्ट सफारी एंड रिसोर्ट को आवंटित कर दिया। यह कंपनी इस जमीन पर डेजर्ट सफारी और रिसोर्ट बनाने का काम करेगी। एडवोकेट कहा- हमने कोर्ट को बताया कि स्कूल प्रिंसिपल को इस तरह की सिफारिश करने का कोई अधिकार नहीं था। वहीं, 400 मीटर की दूरी ज्यादा दूरी नहीं कहीं जा सकती है। निजी फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए पूरी कवायद की गई है।