जयपुर नगर निगम अब हिंगोनिया गोशाला को आमजन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने शनिवार को हिंगोनिया गोशाला का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गोशाला में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक, सुव्यवस्थित और बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं। यहां मौजूद 17 हजार से अधिक गोवंश है, फिर भी आम जनता यहां ज्यादा नहीं आती है। ऐसे में जनता कैसे ज्यादा से ज्यादा यहां पहुंचे और गोवंश की सेवा करें। इसको लेकर जल्द ही नया प्लान तैयार किया जाएगा। कसेरा बोले- गोवंश की सेवा और संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी कसेरा ने बताया कि हिंगोनिया स्थित गोपुनर्वास केंद्र का संचालन नगर निगम के सहयोग से अक्षय पात्र फाउंडेशन के कृष्ण बलराम ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से गोवंश के भोजन, चिकित्सा, रख-रखाव और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है, जिससे यहां आने वाले पशुओं को बेहतर संरक्षण मिल रहा है। कसेरा ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का अभिन्न हिस्सा है। गोवंश हमारे लिए केवल पशु नहीं, बल्कि पूजनीय और पवित्र है। ऐसे में उनकी सेवा और संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ नगर निगम और कृष्ण बलराम ट्रस्ट मिलकर हिंगोनिया गोशाला को और अधिक विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। आमजन की भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा फोकस नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि हिंगोनिया गोशाला शहर से काफी दूरी पर स्थित होने के कारण आम लोगों की पहुंच यहां तक कम हो पाती है। इसके विपरीत शहर के भीतर स्थित गौशालाओं में बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से पहुंचकर गोसेवा, चारा दान और अन्य धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम अब ऐसा प्लान तैयार कर रहा है, जिससे हिंगोनिया गोशाला में भी आमजन की भागीदारी बढ़ाई जा सके। इसके लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग यहां पहुंचकर गोसेवा से जुड़ सकें और गोवंश के संरक्षण में अपनी सहभागिता निभा सकें। कसेरा ने कहा कि अगर आमजन की सहभागिता बढ़ती है, तो इससे गोवंश को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। लोगों द्वारा चारा, सेवा और सहयोग मिलने से गोशाला की व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी और गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी।