राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें चित्तौड़गढ़ के जिला कलेक्टर आलोक रंजन का भी ट्रांसफर शामिल है। अब उनकी जगह डॉ. मंजू चित्तौड़गढ़ की नई जिला कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी। आलोक रंजन का ट्रांसफर आलोक रंजन को जोधपुर का जिला कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। उन्होंने 7 जनवरी 2024 को चित्तौड़गढ़ का पदभार संभाला था और करीब 2 साल 2 महीने 24 दिन तक जिले में काम किया। उनके कार्यकाल में कई प्रशासनिक और विकास कार्य हुए, जिनकी जिले में चर्चा रही। अब उनका अनुभव जोधपुर जिले के विकास में योगदान देगा। 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं डॉ. मंजू डॉ. मंजू चित्तौड़गढ़ में 51वीं जिला कलेक्टर के रूप में जॉइन करेंगी। वे 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उनकी उम्र लगभग 39 साल है। उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी मजबूत है। उन्होंने एमबीबीएस के साथ-साथ एमएस, डीएनबी (ऑब्सट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) और पब्लिक मैनेजमेंट में एमए की पढ़ाई की है। मेडिकल और प्रशासन दोनों क्षेत्रों का अनुभव उनके कामकाज में सहायक माना जा रहा है। डॉ. मंजू ने 2017 में मसूरी में ट्रेनिंग लेने के बाद अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत उदयपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मंत्रालय, नई दिल्ली में असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया। उदयपुर के वल्लभनगर में असिस्टेंट कलेक्टर और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (फास्ट ट्रैक) के पद पर भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा उदयपुर में ही सब डिविजनल ऑफिसर (बड़गांव) और जिला परिषद में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में भी सेवाएं दी। अलग-अलग जिलों और विभागों में अहम जिम्मेदारी डॉ. मंजू ने अलवर जिले के यूआईटी में सेक्रेटरी के पद पर काम किया और जयपुर में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी रहीं। साल 2023 में शाहपुरा में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के रूप में काम करने के बाद उन्हें पहली बार जिला कलेक्टर बनाया गया। इसके बाद उन्होंने ऊर्जा विभाग, जयपुर में जॉइंट सेक्रेटरी और उदयपुर में एक्साइज विभाग में एडिशनल कमिश्नर के रूप में सेवाएं दीं। साल 2024 में वे श्रीगंगानगर की जिला कलेक्टर बनीं। अब चित्तौड़गढ़ में वे तीसरी बार कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी।