राजस्थान में अब तक आईएएस, आरएएस का ट्रांसफर पोस्टिंग सिस्टम राजकाज प्रोग्राम या पोर्टल से संचालित हो रहा था। सरकार ने इसका अपडेट वर्जन राजकाज 2.0 तैयार किया है। यह पुराने सॉफ्टवेयर का एक एडवांस और मॉडर्न वर्जन है। लेकिन इस सिस्टम में प्रशासनिक एवं वित्तीय पावर समाहित नहीं होने के कारण अब 346 लाख की लागत से नया सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसमें मेन पावर के इंतजाम के साथ 2028 तक के लिए नया सोफ्टवेयर तैयार होगा। एआई आधारित नए सिस्टम में कुछ एडवांस फीचर दिए जाएंगे। वेब एप्लिकेशन को नए सिरे से डिजाइन और विकसित किया जाएगा। स्टेट ई मिशन टीम (सेम्ट) को इसका सलाहकार भी बनाया है। भविष्य का ट्रांसफर, पोस्टिंग, छुट्टी आवेदन, अचल संपत्ति विवरण, बायोमेट्रिक सिक्योरिटी (फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक), रियल-टाइम अलर्ट और ऑफलाइन मोड जैसी सुविधाएं देने वाला यह नया सिस्टम राज्य सरकार के स्तर पर स्वतंत्र रूप से बनाया जा रहा है। अब तक केंद्रीय डीओपी का रोल होता था। 3 साल का प्रोजेक्ट, 346 लाख खर्च स्टेट ई मिशन टीम राज्य में डिजिटल गवर्नेंस के प्रोजेक्ट्स के लिए मुख्य सलाहकार और तकनीकी प्रबंधन निकाय है। अगले तीन वर्षों के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने, मौजूदा पोर्टल राजकाज-2 को अपडेट करने वाले सोफ्टवेयर बनाने का काम इसे दिया जाएगा। राज्य सरकार की वेबसाइटों को दोबारा डिजाइन, विकास और अगले 3 वर्षों (2026-27 से 2028-29) के लिए उनके रखरखाव का कार्य शामिल है। मिशन टीम के प्रस्तावों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सरकारी कामकाज और नागरिक सेवाओं में शामिल करने का प्लान है। ये नई व्यवस्था एआई आधारित डाटा सेंटर बनेगा। इसी में पुराने राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर को तब्दील किया जाएगा। भारी एआई और मशीन लर्निंग वर्कलोड को संभालने वाला सिस्टम तैयार होगा। इसी से एआई रियल-टाइम फेस रिकग्निशन करेगी। ई वेबसाइटों में टेक्स्ट- टू-स्पीच, डिस्लेक्सिया फ्रेंडली व्यू व बेहतर सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा रहे हैं।