जोधपुर | विश्व स्ट्रोक दिवस पर मेडिकल कॉलेज व एमडीएम अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से स्ट्रोक के लक्षणों, समय पर उपचार एवं बचाव के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीनू चौधरी ने बताया कि चेहरे का अचानक टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी तथा बोलने में परेशानी स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखते ही मरीज को बिना देरी हॉस्पिटल पहुंचाना जरूरी है। एमडीएम में पात्र मरीजों के लिए थ्रोम्बोलाइसिस एवं डीएसए लैब के माध्यम से मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी जैसी उन्नत उपचार सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। उपचार के बाद नियमित फॉलोअप व चिकित्सकीय सलाह का पालन करने पर भी जोर दिया।