देवदत्त पडिक्कल सोमवार को महज एक रन से डबल सेंचुरी लगाने से चूक गए। वे न्यूजीलैंड के लिंकन में चल रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट में इंडिया ए की दूसरी पारी में 199 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि, पडिक्कल की पारी ने टीम इंडिया की मैच में वापसी करा दी। तीसरे दिन स्टंप्स तक इंडिया ए ने 8 विकेट पर 488 रन बना लिए हैं और 284 रन की बढ़त हासिल की। वॉशिंगटन सुंदर 51 रन पर नाबाद हैं। सुंदर से पहले यश राठौर ने 66 और साई सुदर्शन ने 91 रन की पारियां खेलीं। अंपायर के फैसले से नाखुद दिखे पडिक्कल पडिक्कल जैक गिब्सन की ढीली गेंद को विकेटकीपर माइकल हे के दस्तानों में मार बैठे। अंपायर ने हल्की अपील पर ही पडिक्कल को आउट करार दे दिया। मैदान पर फैसला सुनकर पडिक्कल कुछ देर हैरान खड़े रहे। उन्होंने फील्ड अंपायर के फैसले के खिलाफ अपील की भी। लेकिन, नतीजा नहीं बदला। इससे वे नाखुश दिखे। पडिक्कल ने अपनी 248 गेंदों की पारी में 24 चौके और 3 छक्के लगाए। उन्होंने अपना शतक पूरा करने के लिए 128 गेंदें लीं और छक्का लगाकर 100 रन का आंकड़ा छुआ था। पडिक्कल और साई सुदर्शन में 215 रन की साझेदारी तीसरे दिन की शुरुआत में इंडिया-A का स्कोर 2 विकेट पर 106 रन था और टीम 98 रन पीछे थी। पडिक्कल (56*) और साई सुदर्शन (39*) ने पहले सेशन में कीवियों को मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 340 गेंदों में 215 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। साई सुदर्शन 91 रन के स्कोर पर क्रिस्टियन क्लार्क का शिकार बने। ध्रुव जुरेल केवल 2 रन बना सके। पहली पारी में 113 रन पर सिमटी थी इंडिया ए भारत-A की पहली पारी सिर्फ 113 रन पर सिमट गई थी। न्यूजीलैंड-A ने पहली पारी में 317 रन बनाए और 204 रन की बढ़त हासिल की। न्यूजीलैंड ए के कप्तान राइस मारियू ने 76 रन बनाए, जबकि डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 और कर्टिस हीफी ने 44 रन का योगदान दिया। क्रिस्टियन क्लार्क ने 42 रन बनाए। भारत-A की ओर से अंशुल कंबोज और औकीब नबी ने 3-3 विकेट लिए। आकाश दीप को 2 विकेट मिले, जबकि मुकेश चौधरी और वॉशिंगटन सुंदर ने 1-1 विकेट हासिल किया। ------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ने छिपाई आर्थराइटिस की बीमारी:ख्वाजा का खुलासा- 22 की उम्र में पता चला था, लगा मैं मर जाऊंगा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर उस्मान ख्वाजा ने खुलासा किया है कि उन्होंने पूरे इंटरनेशनल करियर में रूमेटॉइड आर्थराइटिस छिपाकर रखा। ख्वाजा ने बताया कि उन्हें 22 साल की उम्र में इस बीमारी का पता चला था। उस समय वे न्यू साउथ वेल्स के लिए प्रोफेशनल क्रिकेट में जगह बना रहे थे। पूरी खबर