जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो की नवी मुंबई से जयपुर आने वाली फ्लाइट पहली कोशिश में लैंड नहीं कर सकी। फ्लाइट ने रनवे को छूने के बाद तत्काल दोबारा उड़ान भर ली। पायलट ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए 'गो-अराउंड' प्रक्रिया अपनाई और करीब 10 मिनट बाद दूसरी कोशिश में फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग कराई। घटना में किसी भी पैसेंजर्स या क्रू मेंबर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट 6E-5238 नवी मुंबई से निर्धारित समय पर उड़ान भरकर बुधवार शाम जयपुर पहुंची थी। रात करीब 8 बजे फ्लाइट ने जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग की एप्रोच शुरू की। फ्लाइट रनवे तक पहुंची और रनवे को टच भी किया, लेकिन अंतिम क्षणों में लैंडिंग एप्रोच स्थिर नहीं होने के कारण पायलट ने फ्लाइट को दोबारा हवा में ले जाने का फैसला लिया। दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर किया लैंडिंग का प्रयास एविएशन की भाषा में इस प्रक्रिया को गो-अराउंड कहा जाता है। यह सामान्य और पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया होती है, जिसे तब अपनाया जाता है। जब पायलट को लगता है कि फ्लाइट की लैंडिंग निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में फ्लाइट को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद फिर से लैंडिंग का प्रयास किया जाता है। करीब 10 मिनट तक फ्लाइट जयपुर एयरपोर्ट के आसपास हवा में रही। इस दौरान पायलट ने फ्लाइट को दोबारा लैंडिंग के लिए तैयार किया। सभी आवश्यक मानकों के अनुरूप एप्रोच मिलने के बाद दूसरी कोशिश में फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग करा दी गई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार- यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों के तहत अपनाई गई थी। गो-अराउंड जैसी स्थिति को आपातकाल नहीं माना जाता, बल्कि यह विमानन सुरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य पैसेंजर्स, क्रू और फ्लाइट की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। हालांकि जयपुर एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने फ्लाइट में मौजूद पैसेंजर को कुछ वक्त के लिए परेशानी में डाल दिया। गो राउंड के दौरान फिर से टिकाऊ अपने काफी पैसेंजर को डरा दिया। फिर फ्लाइट की सफल लैंडिंग के बाद सबने राहत की सांस ली।