हैदराबाद से जयपुर आई इंडिगो की फ्लाइट बुधवार को करीब 44 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाती रही। तेज बारिश और हवा के कारण विमान को रनवे छूने के बाद दोबारा उड़ान भरनी पड़ी। आखिरकार मौसम में सुधार होने के बाद विमान की जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। इस विमान में करीब 120 पैसेंजर थे। इंडिगो की फ्लाइट 6E-913 बुधवार दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने वाली थी। पायलट ने निर्धारित समय के अनुसार करीब 1 बजकर 40 मिनट लैंडिंग के लिए अप्रोच भी शुरू कर दी थी। लेकिन उसी दौरान एयरपोर्ट के आसपास तेज बारिश और हवा के कारण लैंडिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन सकीं। खराब मौसम के कारण पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गो-अराउंड का फैसला लिया। ऐसे में लैंडिंग की कोशिश छोड़कर विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाया गया। विमान को एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के निर्देश पर जयपुर के आसपास के हवाई क्षेत्र में होल्ड पर रखा गया, जहां लैंडिंग के इंतजार में विमान लगातार गोल-गोल चक्कर लगाता रहा। 44 मिनट तक हवा में परेशान हुए पैसेंजर्स इस दौरान 44 मिनट तक विमान आसमान में होल्डिंग पैटर्न में रहा। विमान के बार-बार चक्कर लगाने से पैसेंजर्स में बेचैनी बढ़ गई। कई पैसेंजर्स खिड़की से बाहर बदलते मौसम और लगातार एक ही क्षेत्र में उड़ान भरते विमान को देखकर परेशान नजर आए। हालांकि इस दौरान पायलट और केबिन क्रू लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और पैसेंजर्स को सामान्य बनाए रखने का प्रयास करते रहे। मौसम सुधरा, फिर हुई सुरक्षित लैंडिंग दोपहर करीब 2 बजकर 14 मिनट पर मौसम में सुधार होने और तेज बारिश का असर कम होने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को दोबारा लैंडिंग की अनुमति दी। दूसरी कोशिश में पायलट ने सफलतापूर्वक विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया। सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान में बैठे पैसेंजर्स ने राहत की सांस ली। एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, खराब मौसम, कम विजिबिलिटी या तेज क्रॉस विंड की स्थिति में गो-अराउंड एक पूरी तरह सुरक्षित और मानक प्रक्रिया होती है। पायलट को लगता है कि लैंडिंग सुरक्षित नहीं होगी, तो वह विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर मौसम सामान्य होने या बेहतर परिस्थितियां बनने का इंतजार करता है। यही प्रक्रिया इस उड़ान में भी अपनाई गई, जिससे किसी भी तरह का जोखिम टाल दिया गया। एक्सपर्ट बोले- 10 से 30 मिनट तक होता है गो अराउंड एविएशन एक्सपर्ट सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि अमूमन गो अराउंड 10 मिनट से लेकर 30 मिनट तक का होता है। इससे ज्यादा की समय अवधि होने पर फ्लाइट को वैकल्पिक एयरपोर्ट पर लैंड करवाया जाता है। क्योंकि एयरक्राफ्ट में फ्यूल की कमी होने की संभावना बनी रहती है। लेकिन किसी विशेष परिस्थिति में अगर मौसम बहुत ज्यादा खराब है। तब एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से संपर्क कर फिर से लैंडिंग करवाई जाती है। हालांकि गो अराउंड की समय अवधि को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है, लेकिन एयरक्राफ्ट के फ्यूल और एयरपोर्ट की कंडीशन इसका प्रमुख पैमाना है। अगर एयरक्राफ्ट में फ्यूल की कमी है तो उसे वैकल्पिक एयरपोर्ट पर ले जाया जाता है ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटा जा सके। वहीं अगर मौजूदा एयरपोर्ट पर अगले कुछ मिनट में स्थिति सामान्य होने वाली है तो यह ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट एयरक्राफ्ट की वही लैंडिंग करवाने का प्रयास करती है। जयपुर में यात्री की तबीयत खराब हुई, फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग 16 जून 2026 को दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में एक पैसेंजर की तबीयत बिगड़ गई। पैसेंजर की स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी घोषित की और जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया। इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-322 दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। पूरी खबर पढ़ें... मुंबई-जयपुर फ्लाइट के लैंडिंग गियर में खराबी,फुल इमरजेंसी लैंडिंग 2 दिसंबर 2025 को जयपुर एयरपोर्ट पर मुंबई से जयपुर आ रही स्पाइसजेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG - 649 की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। फ्लाइट के लैंडिंग गियर के हाइड्रोलिक सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी। पायलट ने समय रहते समस्या को पहचाना और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना देकर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। इसके बाद प्लेन की फुल इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 189 पैसेंजर्स सवार थे। पूरी खबर पढ़ें… … यह खबर भी पढ़ें… खराब मौसम के चलते दिल्ली से 4 फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट:पैसेंजर्स की बढ़ी परेशानी, थाईलैंड-ओमान से आ रही फ्लाइट्स भी डायवर्ट दिल्ली में खराब मौसम और कम विजिबिलिटी का असर एयर ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। मौसम बिगड़ने के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर कई विमानों की लैंडिंग प्रभावित हुई, जिसके चलते कुछ फ्लाइट्स को होल्ड पर रखा गया। कई फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा। (पूरी खबर पढ़ें)