भास्कर न्यूज| बाड़मेर मानसून ने चौखट पर दस्तक दे दी है। बाड़मेर नगरपरिषद के जिम्मेदार अधिकारी और कार्मिक नींद सोए हुए हैं। हर साल बारिश के मौसम में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों जैसे जोधपुर और जयपुर के परकोटा क्षेत्र में जर्जर मकानों के ढहने से बेकसूर लोग मलबे में दफन हो जाते हैं। इन डरावने हादसों से सबक लेने के बजाय बाड़मेर नगरपरिषद हाथ पर हाथ धरे बैठी है। अंदरूनी शहर में मौत बनकर खड़े जर्जर भवनों का इस बार न तो कोई सर्वे किया गया है और न ही इन्हें चिह्नित कर स्वामियों को नोटिस थमाए गए हैं। हालात यह है कि तेज बारिश के दौर में ये जर्जर मकान कभी भी ताश के पत्तों की तरह ढह सकते हैं और कोई बड़ा संजोग-दुखांतिका का कारण बन सकता हैं। वार्डों में स्थित सामुदायिक भवन भी सुरक्षित नहीं हैं। वार्ड संख्या 1 में स्थित वाल्मिकी समाज सभा भवन और दर्जियों का सभा भवन असुरक्षित हो चुके हैं। इन्हें ढहाने का प्रस्ताव तो लिया गया है, लेकिन कार्रवाई शून्य है। सरकारी भवनों की स्थिति तो फिर भी अधिकारियों की फाइलों में दर्ज है, लेकिन आम जनता के जो पुराने और जर्जर मकान अंदरूनी शहर की तंग गलियों में जर्जर खड़े हैं, उनका नगरपरिषद के पास कोई डेटा ही नहीं है। हैरानी की बात यह है कि नगरपरिषद को अपने खुद के नियंत्रण वाले 11 सरकारी भवनों की बदहाली तो पता है, लेकिन उन पर भी कार्रवाई सिर्फ प्रस्तावों तक सीमित है। परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक इंडोर स्टेडियम पूरी तरह असुरक्षित और मरम्मत के अयोग्य हो चुका है। इसे सील करने का प्रस्ताव लिया गया है, लेकिन धरातल पर ताला लगना बाकी है। भगवान महावीर स्पोर्ट भवन व स्टोर भी खंडहर में तब्दील हो चुका है। मरम्मत संभव नहीं है, इसे भी सील किया जाना है। फायर स्टेशन का बड़ा हॉल असुरक्षित है, हालांकि यह मरम्मत योग्य है। वहीं इसी परिसर में बाथरूम के पास बने दो कमरे इतने जर्जर है कि इन्हें सील करने का प्रस्ताव है। तिलक बस स्टैंड क्षेत्र के पास स्थित माणक प्याऊ का भवन ढहने की कगार पर है, जिसके ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव है। इसके अलावा रेलवे बाउंड्री के पास स्थित दुकान 1 से 49 तक के कमरे असुरक्षित है। भगतसिंह पार्क के पीछे नगरपरिषद कार्यालय परिसर में ही स्थित दो कमरे असुरक्षित है। बाड़मेर. आदर्श स्टेडियम में जर्जर इंडोर स्टेडियम। ^नगरपरिषद के पास खुद के 69 भवनों में 11 जर्जर की जानकारी है। जिसके संबंध में प्रस्ताव भी लिए गए हैं। लेकिन शहर के अंदरूनी भाग में निजी जर्जर भवनों के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है। - सावन कुमार, राजस्व निरीक्षक, नगरपरिषद बाड़मेर