उपभोक्ता अधिकारों के प्रति आमजन में जागरूकता जरूरी है। संबंधित विभागीय अधिकारी तय कामों के साथ इसके लिए प्रयास करें। कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद और जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा व सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक में यह बात कही। कलक्टर ने नियम विरुद्ध चलने वाली बाल वाहिनियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। विभागीय निर्देशों की पालना नहीं करने पर सख्ती करने को कहा। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही। जिला परिवहन अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालयों को पाबंद करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मिलावट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अब तक किए कामों की प्रगति की समीक्षा हुई। अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने गर्मी के मौसम को देखते हुए डिस्कॉम और जलदाय विभाग के अधिकारियों को बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महाबार रोड, मुढों की ढाणी समेत अन्य इलाकों में जलापूर्ति सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने बाल वाहिनी संचालकों को पाबंद करने को कहा कि तय मापदंड से अधिक बच्चों को टैंपों में नहीं बिठाएं। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चन्दनाराम ने उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी दी। उपभोक्ताओं को जागरूक करने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण, अब तक की प्रभावी कार्यवाहियों की जानकारी दी। जिला परिवहन अधिकारी अक्षय विश्नोई ने बाल वाहिनियों के खिलाफ अब तक की कार्रवाई बताई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश जांगिड़ ने खाद्य सामग्री में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई और नमूनों के संग्रहण की जानकारी दी। जिला रसद अधिकारी कंवराराम ने उचित मूल्य दुकानों पर खाद्य सामग्री वितरण, लक्ष्य पूर्ति, गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता बनाए रखने की जानकारी दी। बैठक में खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ता शिकायत निस्तारण, बाजार में मिलावट रोकथाम, सतर्कता समिति की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार, बाड़मेर उपखंड अधिकारी यशार्थ शेखर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णसिंह महेचा मौजूद रहे।