जुरहरा पुलिस ने ‘सोने की ईंट’ के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना शकील को गिरफ्तार किया है। पांचवी तक पढ़े आरोपी ने ठगी का ऐसा जाल बिछाया कि बड़े-बड़े व्यापारी और पढ़े-लिखे लोग भी उसके झांसे में आ गए। , आरोपी पिछले करीब 10 साल से सक्रिय था और 100 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाकर करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है। सोनोखर इंडस्ट्री एरिया के पास सूचना पर पहुंची पुलिस को देख आरोपी भागने लगा, जिसे पीछा कर दबोच लिया गया। उसके पास से सोने जैसी दिखने वाली पीतल की ईंट बरामद हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह खुद को जेसीबी ऑपरेटर बताकर लोगों को कहानी सुनाता था कि खुदाई में सोने की ईंट मिली है और सस्ते में बेचने का झांसा देता था। आरोपी पर अब तक सिर्फ 6 मामले ही दर्ज हैं, पुलिस अब ठगी के पूरे मामले की जांच में जुटी है। ठगी के पैसों से आलीशान कोठी बनवाई, अलवर में कई प्लॉट खरीदे आरोपी ने ठगी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में किया। गांव भंडारा में करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस आलीशान कोठी बनवाई। इसके अलावा अलवर शहर में कई प्लॉट खरीद रखे हैं, जिनकी कीमत भी लाखों में आंकी जा रही है। इतना ही नहीं, गांव में ही एक लग्जरी सैलून भी संचालित कर रहा था, जिससे वह खुद को वैध कारोबारी के रूप में पेश करता था। पुलिस अब आरोपी की संपत्ति, बैंक खातों और लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। 18 साल की उम्र से ही ठगी शुरू, कई राज्यों तक फैली पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क केवल एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि सुनियोजित तरीके से कई राज्यों में फैला हुआ था। राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में इसके तार जुड़े मिले हैं। गैंग के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर लोगों से संपर्क करते, सैंपल दिखाते और भरोसा जीतते थे। आरोपी ने महज 18 साल की उम्र में इस ठगी की शुरुआत की। खुद को जेसीबी ऑपरेटर बता कर लोगों से संपर्क करता था आरोपी शकील खुद को जेसीबी ऑपरेटर बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह दावा करता कि खुदाई के दौरान उसे सोने की ईंट मिली है, जिसे वह सस्ते में बेचना चाहता है। पहले सैंपल दिखाकर भरोसा जीतता और फिर असली सौदे में पीतल की ईंट थमाकर फरार हो जाता था। लंबे समय तक सक्रिय रहने के बावजूद ज्यादा मामले दर्ज नहीं होना भी पुलिस के लिए जांच का विषय बना हुआ है।