स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती-2022 पेपर लीक और आएएस-2021 भर्ती मामले में पूछताछ के लिए एसओजी ने मंगलवार को आरपीएससी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को जोधपुर स्थित घर से उठाया। उन्हें जयपुर लाकर सुबह 11 बजे पूछताछ शुरू की गई। पहले अकेले पूछताछ हुई, बाद में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के साथ बैठाकर पूछताछ की गई। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि शिव सिंह और कटारा से आईजी अजय पाल लांबा के नेतृत्व में टीमें पूछताछ कर रही हैं। एसओजी ने आरएएस भर्ती-2021 के इंटरव्यू मामले में भी सवाल किए। एसओजी के अनुसार, पूर्व में गिरफ्तार कटारा से पूछताछ में इनपुट मिला था कि उनके सदस्य रहने के दौरान राठौड़ कार्यवाहक चेयरमैन थे। आरएएस भर्ती-2021 के इंटरव्यू में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे। इसी आधार पर एसओजी ने डॉ. शिव सिंह को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे सोमवार को पेश नहीं हुए। मंगलवार सुबह 6 बजे एसओजी टीम उनके जोधपुर आवास पहुंची और जयपुर ले आई। यहां एसओजी ने उनके कार्यकाल में हुई परीक्षाओं में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की। 8 घंटे पूछताछ के बाद रात 8 बजे राठौड़ को छोड़ दिया। आज सुबह 10 बजे एसओजी ने फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। आरपीएससी के यूडीसी को भी हिरासत में लिया पेपर लीक मामले में पूछताछ के लिए एसओजी की दूसरी टीम ने मंगलवार को अजमेर से आरपीएससी के यूडीसी मानसिंह मीणा को हिरासत में ले लिया। उसे भी जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है। एसओजी ने मानसिंह मीणा को आयोग कार्यालय से हिरासत में लिया। उससे बाबूलाल कटारा से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा रही है। बता दें कि कृषि विज्ञान पेपर लीक मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर और पेपर माफिया शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि कटारा ने अपने भांजे के लिए 60 लाख रुपए में कृषि विज्ञान का पेपर शेर सिंह को बेचा था। इसके बाद शेर सिंह ने वही पेपर विनोद रेवाड़, भूपेन्द्र सारण और सुरेश ढाका समेत अन्य लोगों को बेचा था। आरएएस इंटरव्यू में पहले भी लगे कई पदाधिकारियों पर आरोप आरएएस भर्ती-2021 के इंटरव्यू में आरपीएससी के कई पदाधिकारियों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। अब बाबूलाल कटारा ने पूछताछ में इसी तरह के आरोप लगाए हैं। एसओजी इन पहलुओं की भी जांच करेगी।