कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल (जेके लोन हॉस्पिटल) में बुधवार को आईपीडी वार्ड के गेट के पास अचानक पत्थर का बड़ा टुकड़ा (टाइल्स) उखड़कर नीचे गिर गया। पत्थर गिरते ही अफरा तफरी मच गई। गनीमत रही कि पत्थर किसी के सिर पर नहीं गिरा। वरना गंभीर चोट लग सकती थी। घटना के समय गेट के पास कुछ लोग बैठे हुए थे। पत्थर का टुकड़ा नीचे गिरा तो लोग भागकर दूर हुए। मौके पर मौजूद तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में निर्माण काम और रखरखाव के काम में भारी लापरवाही बरती जा रही है। लोग बोले- लगातार पत्थर उखड़ रहे तीमारदारों ने आरोप लगाया- घटिया निर्माण सामग्री या फिटिंग में कमी के कारण पत्थर उखड़ रहे हैं। घटना के तुरंत बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया। आनन-फानन में मौके पर मौजूद गार्ड्स ने घटनास्थल के चारों ओर अस्थायी पट्टी (बैरिकेडिंग) लगाकर रास्ता रोक दिया है। एंट्री गेट पर सुदंरता के लिए पत्थरनुमा टाइल्स लगाई गई दरअसल, यूआईटी की तरफ से इस भवन का काम करवाया गया था। इसमें बाहरी दीवारों पर और एंट्री गेट पर सुदंरता के लिए पत्थरनुमा टाइल्स लगाई गई हैं। एंट्री गेट से साइड से अंदर जाने वाले रास्ते पर टाइल गिरी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. निर्मला ने बताया- घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर जाकर देखा था। कुछ टाइल्स उखड़कर नीचे गिरी थी। हालांकि घटना हुई है, लेकिन गनीमत ये रही कि किसी को चोट नहीं आई। उन्होंने बताया कि इस बारे में यूआईटी को भी जानकारी दे दी गई है। अभी ये भवन डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP)में है। हमने निर्देश दिए हैं कि जहां भी टाइल्स या निर्माण में खामियां हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए। फिलहाल वहां गार्ड तैनात कर रास्ता बंद कर दिया है।