जयपुर के ठिकरिया स्थित जयगुरुदेव आश्रम में गुरु पूर्णिमा के 3 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान बाबा उमाकांत महाराज ने गो-हत्या पर देशव्यापी कानून बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को गृह मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून बनाने की अपील करनी चाहिए। समाज में बढ़ते नशे, हिंसा और नैतिक पतन को रोकने के लिए युवाओं को अच्छी संगत और सत्संग से जोड़ना जरूरी है। सही खानपान, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन अपनाने से ही समाज और देश का भविष्य बेहतर हो सकता है। शाकाहारी, नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश बाबा उमाकांत ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य जीवात्मा को परमात्मा से जोड़कर मुक्ति और मोक्ष प्राप्त करना है। उन्होंने इसे सच्चा सनातन धर्म बताते हुए लोगों से शाकाहारी, नशामुक्त, चरित्रवान और ईश्वरवादी जीवन अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा-यदि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ेगी तो लोगों में सद्बुद्धि आएगी और कई सामाजिक समस्याओं का समाधान ऑटोमैटिक हो जाएगा। इसी उद्देश्य से देशभर में साधना और नामधुनी शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया गुरु पूर्णिमा महोत्सव में भाग वहीं, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) की जयपुर शाखा की ओर से बुधवार, 29 जुलाई को जवाहर सर्किल, टोंक रोड स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज (EP) के सेंट्रल लॉन में भव्य ‘गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026’ का आयोजन किया गया। ‘गुरु भाव: परम तीर्थं’ और ‘आत्म-समीक्षा, संकल्प व समर्पण का पर्व’ की भावना पर आधारित इस आयोजन में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। संस्थान के संस्थापक एवं संचालक दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की अनुकंपा से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उनकी शिष्या साध्वी शिवा भारती दीदी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। साध्वी शिवा भारती दीदी ने कहा कि गुरु केवल शिक्षक नहीं, बल्कि वह आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं, जो मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व और गुरु पूजा की आवश्यकता को भी विस्तार से समझाया।