राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की आयुष मेडिकल ऑफिसर भर्ती में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज बड़ी संख्या में होम्योपैथी और यूनानी डॉक्टरों ने जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना-प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और तकनीकी त्रुटियों का आरोप लगाते हुए सरकार से निष्पक्ष समाधान की मांग उठाई। धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिला स्तर पर होंगे विरोध प्रदर्शन उन्होंने कहा- पहले चरण में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी। साथ ही प्रदेशभर में जिला स्तर पर भी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। धरने में शामिल अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने विभाग को कई बार अवगत कराया था कि अलग-अलग पद्धतियों के प्रश्नपत्रों का कठिनाई हर स्तर पर समान रखना संभव नहीं होगा। इसके बावजूद एक ही चयन प्रणाली लागू की गई, जिससे कई योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा। अंकों का असंतुलन पैदा हो गया प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा एक ही पारी में आयोजित होने के कारण नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू नहीं हो सकी। वहीं विभिन्न पद्धतियों में अलग-अलग प्रश्न हटाए जाने से करीब 6 प्रतिशत तक अंकों का असंतुलन पैदा हो गया, जिससे हजारों होम्योपैथी और यूनानी अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कर पद्धतिवार पद वर्गीकरण लागू किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।