राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस का आयोजन 1 और 2 जुलाई को होगा। दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस की थीम 'विकसित भारत 2047 : AI Enabled, Data Driven and Secure Digital Governance' रखी गई है। देशभर से नीति-निर्माता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट, इंडस्ट्री लीडर्स, स्टार्टअप्स और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े विशेषज्ञ इसमें हिस्सा लेंगे। कॉन्फ्रेंस में 2700 से ज्यादा प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि 42 संस्थाएं और कंपनियां अपनी तकनीकों व डिजिटल समाधानों की प्रदर्शनी लगाएंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। वहीं भारत सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आसान बनाने पर मंथन करना है। राजस्थान ने डिजिटल गवर्नेंस में बनाई मजबूत पहचान राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में लगातार बड़े बदलाव किए गए हैं। आज प्रदेश में लगभग 82 प्रतिशत सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और 26 हजार से अधिक सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुड गवर्नेंस को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों की सर्विस बुक को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। पेंशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी सरल और डिजिटल बनाया गया है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके अलावा स्मार्ट ट्रेजरी, एसएमएस और 'स्पर्श' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सरकारी कामकाज को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं। जनसुनवाई से लेकर प्रशासन तक डिजिटल सिस्टम पर फोकस मुख्य सचिव ने कहा कि जनसुनवाई से जुड़े ऑनलाइन सिस्टम को भी लगातार मजबूत किया गया है ताकि लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सके। सरकार का प्रयास है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद अधिक प्रभावी बने और प्रत्येक सेवा आसानी से उपलब्ध हो। AI इन पुलिसिंग सहित कई अहम सेशन दो दिवसीय सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा गवर्नेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सेवाओं में नवाचार और भविष्य की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था जैसे विषयों पर अलग-अलग तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें 'AI in Policing' विशेष आकर्षण रहेगा, जिसमें पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, अपराध जांच, निगरानी और स्मार्ट लॉ एंड ऑर्डर मैनेजमेंट पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। 100 इंडस्ट्री पार्टनर्स और 42 प्रदर्शनी स्टॉल सम्मेलन में लगभग 100 इंडस्ट्री पार्टनर्स भाग ले रहे हैं। 42 एग्जिबिशन स्टॉल्स पर डिजिटल गवर्नेंस, AI, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी, डिजिटल सर्विस डिलीवरी और ई-गवर्नेंस से जुड़ी नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधिमंडल इन तकनीकों का अध्ययन करेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान के स्टार्टअप्स को मिलेगा राष्ट्रीय मंच राजस्थान के 1100 से अधिक स्टार्टअप्स का इकोसिस्टम भी सम्मेलन के दौरान चर्चा का विषय रहेगा। नवाचार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इससे स्टार्टअप्स, उद्योग और सरकारी विभागों के बीच सहयोग के नए अवसर बनने की उम्मीद है। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। देशभर से आने वाले प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक कला से रूबरू कराया जाएगा।