सरकारी खरीद में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जयपुर में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 280 से अधिक उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, वित्तीय सहायता और कारोबार बढ़ाने के अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के नेशनल एससी-एसटी हब और डिक्की राजस्थान चैप्टर की ओर से झालाना स्थित डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी में किया गया। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारियों ने हिस्सा लेकर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। सरकारी योजनाओं और खरीद प्रक्रिया की दी जानकारी कार्यक्रम का उद्घाटन एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ ने किया। इस दौरान एनएसआईसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस.एस. आचार्य, डिक्की के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव डांगी, उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य रोलिंग स्टॉक इंजीनियर शशि किरण, नेशनल एससी-एसटी हब के महाप्रबंधक उमेश दीक्षित और राजस्थान-गुजरात प्रभारी कुलदीप सिंह राजपूत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डिक्की राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष देवकीनंदन गोधा ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से SC/ST उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, बड़े उद्योगों और सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं, महिला उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। पंजीकरण से लेकर बैंक ऋण तक की प्रक्रिया बताई तकनीकी सत्रों में उद्योग विभाग, सरकारी ऑनलाइन खरीद पोर्टल (GeM), भारतीय रेलवे, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय खाद्य निगम, राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड, सिपेट, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक के विशेषज्ञों ने सरकारी खरीद नीति, विक्रेता पंजीकरण, ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, बैंक ऋण और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी दी। उद्यमियों के सवालों के जवाब भी दिए गए। मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा कार्यक्रम स्थल पर उद्यमियों की सुविधा के लिए उद्यम पंजीकरण, सरकारी खरीद पोर्टल पर पंजीकरण, विक्रेता पंजीकरण और ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के लिए सहायता केंद्र भी बनाया गया। यहां विशेषज्ञों ने मौके पर ही पंजीकरण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई। कार्यक्रम में जयपुर और आसपास के जिलों से 280 से अधिक SC/ST उद्यमियों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय संस्थानों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें कारोबार बढ़ाने और सरकारी खरीद में अधिक भागीदारी का मौका मिल सके।