राजस्थान सरकार के बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी डिपोजिट जमा करवाने के दिए नोटिस का जमकर विरोध हो रहा है। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को तय समय में राशि जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी गई है। जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को डिस्कॉम के सिक्योरिटी डिपॉजिट के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि सरकार ने बिजली विभाग के जरिए सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर किसानों और आम लोगों से अतिरिक्त वसूली शुरू कर दी है। अगर सरकार महंगाई के दौर में लोगों से अतिरिक्त पैसा मांग सकती है, तो पहले 2014 में चुनाव के दौरान किए गए हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा कराने के वादे को पूरा करें। किसानों ने कहा कि जिस दिन सरकार 15 लाख रुपए 7% ब्याज के साथ खातों में जमा कराएगी, उसी दिन वे भी सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि जमा कर देंगे। डिमांड नोटिस में क्या मांग रखी समिति ने सरकार को दिए डिमांड नोटिस में कहा कि सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर की जा रही वसूली जनविरोधी है। इससे पहले से आर्थिक परेशानी झेल रहे किसानों व आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। समिति ने मांग की कि 2014 में किए गए सार्वजनिक वादे के अनुसार हर भारतीय नागरिक को 15 लाख रुपए 7% वार्षिक ब्याज के साथ दिए जाएं। अगर इस मांग पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन चलाया जाएगा। डिस्कॉम का क्या कहना है डिस्कॉम का कहना है कि TCOS-2021 के नियमों के तहत बिजली की खपत के आधार पर समय-समय पर सिक्योरिटी डिपॉजिट की समीक्षा की जाती है। अंतिम तारीख तक राशि जमा नहीं करवाने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जा रही है। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल में सिक्योरिटी डिपॉजिट का अलग कॉलम नहीं दिखाया जाता और पहले से जमा राशि की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जाती, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।