जयपुर में नवरात्रि के साथ ही गरबा महोत्सव की रौनक शुरू हो गई है। इसी बीच शहर में गरबा पंडालों के बाहर लगे पोस्टर चर्चा में हैं। सनातन सुरक्षा दल जयपुर महानगर के नाम से लगाए गए इन पोस्टरों में गरबा समितियों को अंतिम चेतावनी दी गई है। पोस्टर में साफ लिखा है कि गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। पोस्टर में गरबा को धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा बताते हुए कहा गया है कि इसकी पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री का मुद्दा उठा चुकी है। विहिप ने आयोजकों से आईडी प्रूफ के जरिए लोगों की पहचान करने की बात कही थी। पोस्टर पर लिखा- सनातन सुरक्षा दल जयपुर महानगर की अंतिम चेतावनी शहर में अलग-अलग जगह गरबा पंडालों के बाहर लगाए गए पोस्टरों पर ‘सनातन सुरक्षा दल जयपुर महानगर की अंतिम चेतावनी’ लिखा है। पोस्टर में लिखा हैं- “सभी गरबा समितियों को चेतावनी दी जाती है कि गरबा पंडाल में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। गरबा हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था है। इसकी पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।” नवरात्रि के दौरान जयपुर में कई जगह गरबा महोत्सव आयोजित किए जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में पंडालों के बाहर लगाए गए इन पोस्टरों के जरिए गरबा समितियों को प्रवेश व्यवस्था को लेकर चेतावनी दी गई है। विहिप भी कह चुकी है- गरबा धार्मिक कार्यक्रम, एंटरटेनमेंट नहीं इससे पहले विश्व हिंदू परिषद ने भी गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री का मुद्दा उठाया था। विहिप के प्रांत अध्यक्ष सुभद्र पापड़ीवाल ने कहा था कि गरबा माता को समर्पित धार्मिक कार्यक्रम है, यह कोई एंटरटेनमेंट का कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा था कि जिन लोगों की हिंदू देवी-देवताओं और त्योहारों में आस्था नहीं है, उन्हें गरबा पंडालों से दूर रहना चाहिए। पापड़ीवाल ने यह भी कहा था कि गरबा आयोजक प्रवेश के समय आईडी प्रूफ से पहचान कर सकते हैं। तिलक लगाने या हाथ पर कलावा बांधने जैसी व्यवस्था भी आयोजक अपने हिसाब से कर सकते हैं। विहिप ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) को ज्ञापन भी दिया था।