जयपुर में जालसाजी मामले में एक प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक को पुलिस ने अरेस्ट किया। मरीजों के डॉक्यूमेंट में कांटछांट कर हॉस्पिटल संचालक ने RGHS वेबसाइट पर अपलोड किए थे। मानसरोवर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर से पूछताछ कर रही है। SHO (मानसरोवर) लखन सिंह खटाना ने बताया- जालसाजी मामले में डॉ. सोमदेव बंसल (45) पुत्र जगदीश बंसल निवासी समराथल धौलपुर को रविवार दोपहर अरेस्ट किया है। वह श्याम नगर में रहकर मानसरोवर स्थित निविक हॉस्पिटल का संचालन करते हैं। सितंबर-2025 में एडवोकेट जितेंद्र शर्मा ने मानसरोवर थाने में निविक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लापरवाही के चलते मां की मौत का आरोप लगाया था। मरीज को बार-बार डिस्चार्ज दिखा दोबारा भर्ती दर्शाया पुलिस ने बताया- जांच में सामने आया कि पेशेंट को बार-बार डिस्चार्ज दिखाकर दोबारा भर्ती दर्शाया गया। साथ ही एक ही कंसेंट फॉर्म में काटछांट कर अलग-अलग डेट डालकर उपयोग किया गया। आरजीएचएस कार्यालय की जांच में भी अस्पताल के खिलाफ अनियमितताएं प्रमाणित पाई गईं। FSL रिपोर्ट में दस्तावेजों में छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने संचालक सोमदेव बंसल को गिरफ्तार कर लिया। वकीलों ने हाईकोर्ट रोड पर किया था प्रदर्शन मानसरोवर थाने में दर्ज FIR पर कार्रवाई नहीं होने पर वकीलों ने हाईकोर्ट रोड जाम कर प्रदर्शन किया था। मामले की जांच के दौरान हॉस्पिटल संचालक डॉ. सोमदेव बंसल की ओर से कई मरीजों के डॉक्यूमेंट में कांट-छांट कर RGHS वेबसाइट पर अपलोड करने की अनियमिता पाई गई थी। पुलिस की ओर से कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर डॉ. सोमदेव बंसल को अरेस्ट किया गया। मामले में इलाज के चलते लापरवाही नहीं पाई गई। यह खबर भी पढ़ें... हाईकोर्ट के बाहर वकीलों का धरना रहेगा जारी:बार ने स्थगित किया था आंदोलन, डॉक्टर की गिरफ्तारी पर अड़े वकील जयपुर में हाईकोर्ट के बाहर निविक हॉस्पिटल के डॉक्टर सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर फरवरी 2026 को वकीलों ने धरना दिया था। आंदोलनरत वकीलों की संघर्ष समिति ने डॉ सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी तक धरना जारी रखने का फैसला लिया था। (पूरी खबर पढ़ें)