जयपुर के जवाहर कला केंद्र की ओर से जूनियर समर कैंप-2026 का आयोजन 16 मई से 20 जून तक किया जाएगा। इस समर कैंप में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा निखारने और कला, साहित्य व संस्कृति की विविध विधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। समर कैंप 8 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए है। इसमें उन्हें म्यूजिक, डांस, नाटक, दृश्य कला और साहित्य की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस समर कैंप में पहले शामिल हुए कई युवा कलाकार अब बॉलीवुड, रंगमंच, म्यूजिक प्रोडक्शन, कोरियोग्राफी और क्रिएटिव राइटिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। बच्चों के व्यक्तित्व में आता है निखार जूनियर समर कैम्प-2026 में बच्चों को कला की तकनीकी शिक्षा के साथ उनकी कल्पनाशीलता, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। कैंप के माध्यम से बच्चे कला की बारीकियां सीखते हैं। साथ ही मंच पर खुद को प्रस्तुत करना, संवाद करना, टीम में काम करना और भावनाओं को रचनात्मक रूप से व्यक्त करना भी सीखते हैं। जवाहर कला केंद्र के इस समर कैंप वर्षों में अभिनय, संगीत, नृत्य, एंकरिंग, लेखन और निर्देशन क्षेत्र में कई युवाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई। कैंप से जुड़कर कला की प्रारंभिक शिक्षा लेने वाले कई प्रतिभागी आज फिल्म, थिएटर, टेलीविजन, लेखन और परफॉर्मिंग आर्ट्स की दुनिया में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। कई युवा कलाकार आज बॉलीवुड, रंगमंच, म्यूजिक प्रोडक्शन, कोरियोग्राफी और क्रिएटिव राइटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। संगीत और नृत्य की विविध विधाओं में प्रशिक्षण कैंप के तहत संगीत एवं नृत्य कला की कई विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। बच्चों को गायन, बांसुरी, तबला, गिटार, वॉयलिन, राजस्थानी वाद्ययंत्र, सिंथेसाइजर/पियानो वादन, राजस्थानी लोक नृत्य, कथक नृत्य और समसामयिक नृत्य (कंटेम्परेरी डांस) की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इन कार्यशालाओं की अवधि 30 दिन निर्धारित की गई है। कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक संचालित होंगी। वहीं समसामयिक डांस की कक्षाएं शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जाएंगी। नाट्य कला से निखरेगी अभिव्यक्ति नाट्य कला के अंतर्गत 30 दिन की कार्यशाला का आयोजन भी सुबह 8 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा। यह कार्यशाला बच्चों की संवाद क्षमता, मंचीय आत्मविश्वास, अभिनय कौशल और सामाजिक समझ को विकसित करने में सहायक होगी। नाट्य प्रशिक्षण से बच्चों को अभिनय, संवाद-अभिव्यक्ति, बॉडी लैंग्वेज, मंच संचालन और चरित्र निर्माण की बुनियादी समझ दी जाएगी। दृश्य कला एवं साहित्य के अंतर्गत कई रोचक और रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें फड़ मेकिंग, डूडल आर्ट, लिपन आर्ट, फ्लावर मेकिंग, फोटोग्राफी, मधुबनी और पोट्रेट आर्ट जैसी कार्यशालाएं शामिल हैं, जिनकी अवधि 27 दिन की होगी। वहीं कैलिग्राफी, विजुअल स्टोरी टेलिंग और स्टोरी मेकिंग की कार्यशालाएं 21 दिन की अवधि की होंगी। इसके अलावा 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए स्टोरी ट्री तथा कहानी, कविता वाचन जैसी विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। इनकी अवधि 17 दिन की होगी। इनका आयोजन शाम 4 बजे से 6 बजे तक किया जाएगा। सीमित प्रवेश, पहले आओ–पहले पाओ समर कैंप में विभिन्न पाठ्यक्रमों का शुल्क 1000 रुपए से 1500 रुपए तक निर्धारित किया गया है। प्रवेश सीमित रहेगा और चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी 6 मई को सुबह 10 बजे से 9 मई शााम 4 बजे तक ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड संलग्न करना अनिवार्य होगा। शुल्क भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा कराया जाएगा। प्रशिक्षकों के लिए भी अवसर जवाहर कला केंद्र ने समर कैंप के संचालन के लिए योग्य और अनुभवी प्रशिक्षकों, संगतकारों और सहायकों से भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 6 से 7 मई तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक और 8 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आवेदन पत्र केंद्र के स्वागत कक्ष में जमा करा सकते हैं। प्रशिक्षकों, सहायकों एवं संगत कलाकारों का चयन इंटरव्यू से किया जाएगा। नाट्य कला के इंटरव्यू 9 और 10 मई, दृश्य कला और साहित्य के 11 मई और संगीत-नृत्य के 12 मई को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।