जयपुर के चौमूं उपखंड के ग्राम हाथनोदा में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान 50-60 सालों से 3-4 पीढ़ियों से चले आ रहे जमीन विवाद का समाधान हुआ। परिवार के लोग भावुक हो गए और एक-दूसरे को गले लगा लिया। एसडीएम आशीष कुमार शर्मा के निर्देश पर तहसीलदार डॉ. विजयपाल बिश्नोई और उनकी टीम ने किसानों को समझाया और शिविर में जमीन बंटवारे संबंधी 5 विवादों का मौके पर समाधान किया गया। इससे 47 किसान परिवारों की 130 बीघा भूमि का मौके पर ही बंटवारा किया गया। नेपाल-बिहार से भी आए विवाद निपटाने आए काश्तकार शिविर में दिलचस्प पहलू ये देखने को मिला कि नेपाल से काश्तकार मोहनलाल और बिहार से सोहनलाल सालों से लंबित विवाद को सुलझाने पहुंचे। इसी प्रकार बुजुर्ग महिलाएं अपने ससुराल से राज्य के अलग-अलग जिलों से अपने पीहर भूमि विवादों को सुलझाने के लिए पहुंची। काश्तकारों ने बताया कि इन विवादों में मुकदमें लड़ते-लड़ते हमारे पूर्वज और सगे-संबंधी इस दुनिया से चले गए लेकिन विवादों का समाधान नहीं हुआ। वहीं 3-4 पीढ़ियों से भूमि विवाद लंबित होने के कारण उन्हें सरकार की अधिकतर योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल पा रहा था। साथ ही, कई बार आपस में झगड़े की स्थिति भी बन जाती थी। ऐसे में अब परिवारों में लम्बे समय से बिखराव और मनमुटाव की स्थिति अब नहीं रहेगी। कोर्ट और थानों में चल रहे अलग-अलग प्रकार के मुकदमों के कारण आर्थिक नुकसान भी पीढ़ियों से झेल रहे हैं। आपसी समझाइश से विवादों का समाधान शिविर में 48 नामान्तकरण, 15 सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी, 5 सहमति से विभाजन, 421 जमाबंदी में शुद्धि के प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया। टीम में तहसीलदार के नेतृत्व में गिरदावर चैथमल मीणा, पटवारी दया शंकर लाम्बा, भैरूराम यादव एवं जगत गुर्जर शामिल रहे। इनके अलावा कैंप प्रभारी प्रियंका बड़गुर्जर, सहायक कैम्प प्रभारी ऋतु भोजवानी सहित ब्लॉक लेवल के समस्त विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।