भष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की टीम ने 2 जुलाई को जयपुर के लालकोठी स्थित नगर निगम ऑफिस से मैरिज रजिस्ट्रार और एक दलाल को घूस लेते पकड़ा। जांच में सामने आया कि दलाल राकेश चौधरी पहले निगम के मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस में ठेके पर लगा हुआ था। 15 जून को ही संवेदक ने उसे हटा दिया था। इसके बाद राकेश ने निगम ऑफिस की कुछ दूरी पर ही खुद का मैरिज ब्यूरो खोल लिया था। वो लगातार मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह के संपर्क में था। एसीबी डीएसपी अनीस अहमद ने बताया कि 2 जुलाई को जयपुर एसीबी ने भी निगम में ट्रैप की कार्रवाई की थी। इसकी सूचना राकेश चौधरी ने मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह को दी। राकेश ने ACB कार्रवाई का स्क्रीन शॉट विक्रम सिंह को भेजा था। मीटिंग में होने के कारण विक्रम ने फोन स्विच ऑफ कर रखा था। इस कारण विक्रम मैसेज नहीं देख पाया। कुछ घंटे बाद ही एसीबी कोटा की टीम ने दोनों को दबोच लिया। 3 हजार तक रिश्वते लेते आरोपी जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन में चैटिंग मिली है। जिसमें कितने केस आए, कितनों से पैसा लिया, कितने से पैसा बाकी है, की डिटेल मिली है। आरोपी शादी रजिस्ट्रेशन की एवज में 2500 से 3000 हजार की रिश्वत लेते थे। जबकि विवाह रजिस्ट्रेशन का निर्धारित शुल्क 110 रुपए है। फिलहाल जांच की जा रही है। दोनों न्यायिकअभिरक्षा में जयपुर जेल में बंद है। ट्रैप से पहले पार्टी को खुद का मैरिज ब्यूरो दिखाने गया अनीस अहमद ने बताया कि दलाल राकेश व मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम दोनों संपर्क में रहते थे। जॉब से हटाने के बाद भी दलाल राकेश की निगम ऑफिस में बैठक थी। ट्रैप से कुछ वक्त पहले ही राकेश किसी पार्टी को अपना मैरिज ब्यूरों दिखाने ले गया था। फिर वायस निगम लौटा। जहां उसे परिवादी मिला। जैसे ही उसने परिवादी से रिश्वत लीं। कोटा एसीबी ने उसे पकड़ लिया। कुछ मिनट बाद मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह भी मीटिंग से ऑफिस लौटा। एसीबी ने उसे भी पकड़ लिया। रिश्वत की रकम घटाकर 1 हजार की ख़ुद का मैरिज ब्यूरो खोलने के बाद आरोपी दलाल ने मैरिज रजिस्ट्रेशन की एवज में रिश्वत की रकम 2500 से घटाकर 1000 हजार कर दी थी। दोनों ने तय किया कि नए रजिस्ट्रेशन पर अब 1 हजार रूपए ही लेंगें। एडिशनल एसपी एसीबी कोटा विजय स्वर्णकार ने बताया परिवादी ने दी शिकायत में आरोप लगाया था कि आर्य समाज मंदिर, प्रताप नगर में गरीब और दहेज रहित शादी करवाई जाती है। विवाहों के पंजीयन के लिए आरोपी प्रति विवाह 2,500 से 3,000 रूपए तक रिश्वत मांगते थे। रिश्वत नहीं देने पर डॉक्यूमेंट में कमियां बात कर परिवादियों को परेशान किया जाता था। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 2 जुलाई को 12,500 की रिश्वत लेते दोनों आरोपियों को ट्रैप किया। मौके पर तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 38 हजार की नगदी भी बरामद की थी। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़े- जयपुर में मैरिज रजिस्ट्रार-कर्मचारी को घूस लेते किया गिरफ्तार:शादी रजिस्ट्रेशन की एवज में मांगी रिश्वत; साढ़े 12 हजार रुपए लेते पकड़ा