जयपुर में जेएलएन मार्ग स्थित एमएनआईटी परिसर के पास सोमवार को 7 से 8 महीने के लेपर्ड के शावक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। जहां शावक का शव मिला वो मादा लेपर्ड पूजा की टेरिटरी है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम कराया। वन विभाग की टीम की मौजूदगी में शावक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। शावक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले है। शावक के नाखुन, दांत समेत सभी अंग सुरक्षित मिले। भूख के कारण मौत होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। झालाना लेपर्ड में लगभग 40 के आसपास लेपर्ड झालाना लेपर्ड में लगभग 40 के आसपास लेपर्ड हैं। जिसमें पूजा का मूवमेंट एमएनआईटी और स्मृति वन के आसपास रहता है। अभी संभावना है कि इसके एक दो और बच्चे हो। वन विभाग अधिकारियों के मुताबिक, शावक का शव मादा लेपर्ड पूजा का होने की संभावना है। एमएनआईटी प्रशासन ने परिसर के आसपास शावक का शव मिलने की सूचना दी थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई की। MNIT के आसपास रहती है मादा लेपर्ड पूजा सहायक वन संरक्षक(ACF) जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि एमएनआईटी परिसर के आसपास मादा लेपर्ड पूजा की मूवमेंट रहती है। कॉलेज के पास वन क्षेत्र होने से उसका इस इलाके में आना-जाना बना रहता है। ऐसे में मृत मिला शावक पूजा का होने की आशंका है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चलेगा मौत का कारण एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वन विभाग ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि शावक की मौत किस वजह से हुई।