भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आमेर मावठा में शूटिंग के लिए 50 हजार की रिश्वत लेते पकड़े वनपाल और वनरक्षक को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। एसीबी जांच में सामने आया कि सिक्योरिटी रकम वापस दिलवाने के साथ ही आमेर मावठा में कार की शूटिंग करने के लिए वनपाल ने घूस मांगी थी। दरअसल, 28 और 29 सितंबर को आमेर के मावठा में फोटोग्राफर ने कार की वीडियो शूटिंग की वन-विभाग से परमिशन लेकर फीस जमा करवाई थी। इसके बावजूद भी वनपाल श्याम सिंह शेखावत और वनरक्षक शिवकिशोर ने 50 हजार की रिश्वत ली थी। अब एसीबी के सत्यापान रिकॉर्ड में वनपाल से हुई बातचीत सामने आई है। इनमें वनपाल ने कहा था कि ‘15 हजार दिए थे ना आपने’, 15 हजार और दे दो। 4 दिन में 40 हजार रुपए दे देना और 2 बजे बाद आ जाना।' गिरफ्तारी के बाद वनपाल ने एसीबी के सामने 15 हजार रुपए पहले लेना और 15 हजार और देने की बात को स्वीकार किया है। वनपाल ने अक्टूबर में प्रस्तावित शूटिंग के लिए भी रिश्वत मांगते हुए कहा था- दो दिन का एक लाख दे दिज्यो, खर्चा-पाणी दे देना स्टाफ को( यानी दो दिन के एक लाख दे देना और स्टाफ को खर्चा पानी के भी दे देना)। एसीबी की ओर से FIR दर्ज कर 8 अक्टूबर को वनपाल व वनरक्षक को ट्रेप किया गया था। वनरक्षक ने 30 तो वनपाल ने 20 हजार की रिश्वत ली डीजी (एसीबी) गोविन्द गुप्ता ने बताया- एसीबी की ओर से 8 अक्टूबर को ट्रेप की कार्रवाई कर वनपाल श्याम सिंह शेखावत और वनरक्षक शिवकिशोर को रंगे हाथों पकड़ा गया था। एसीबी ने वनपाल श्याम सिंह को काला महादेव चौकी पर 20 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा। श्याम सिंह ने रकम चौकी के कमरे में चारपाई के गद्दे के नीचे छिपा दी थी। एसीबी टीम को देखकर वह भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया था। वहीं, वनरक्षक शिवकिशोर को कनक घाटी के पास रजवाड़ी चाय टी-स्टॉल पर 30 हजार रुपए घूस लेते पकड़ा। टीम को देखकर उसने नोट नीचे फेंक दिए थे। एसीबी टीम ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेसी भेज दिया। 60 हजार मांगे, फिर 15 हजार लेकर गया जोधपुर के रहने वाले फोटोग्राफर ने 28 और 29 सितंबर को आमेर के मावठा में एमजी विंडसर कार की वीडियो शूटिंग के लिए वन विभाग से परमिशन ली थी। इसके लिए निर्धारित फीस जमा करवाई गई थी। परिवादी फोटोग्राफर के अनुसार 28 सितम्बर को बारिश के कारण शूटिंग में देरी हो गई थी। इस दौरान नशे की हालत में वनपाल श्याम सिंह वहां पहुंच गया। देर तक शूटिंग करने को लेकर उसने आपत्ति जताते हुए 60 हजार रुपए की घूस मांगी। काफी विनती करने पर वह लास्ट में फोटोग्राफर से 15 हजार रुपए लेकर चला गया। अगले दिन शूटिंग हो गई निरस्त वनपाल श्याम सिंह के रुपए लेकर जाने के कुछ समय बाद वन विभाग का कर्मचारी कुलदीप वहां आ गया। उसने शूटिंग को लेकर आपत्ति जताई। शूटिंग के काम की फोटो खींचकर वहां से चला गया। परिवादी फोटोग्राफर ने वनकर्मी कुलदीप को वनपाल को शूटिंग के लिए दी गई रिश्वत के बारे में भी बताया। इसके बाद वनकर्मी कुलदीप की ओर से शिकायत पर वन विभाग ने 29 सितम्बर की पहले से तय शूटिंग को रोक दिया। प्रस्तावित शूटिंग पर भी मांगी घूस शूटिंग निरस्त होने के बाद फोटोग्राफर ने सिक्योरिटी के जमा करवाए 79 हजार 860 रुपए मांगे। सिक्योरिटी रकम वापस नहीं लौटाने पर वनपाल श्याम सिंह से कॉन्टैक्ट किया। वनपाल की ओर से 15 हजार रुपए और मांगे गए। बातचीत में कहा- ‘15 हजार दिए थे ना आपने’, ‘15 हजार और दे दो’ और ‘15 और दे दो।’ 4 दिन 40 हजार रुपए दे देना और 2 बजे बाद आ जा। एसीबी के मुताबिक, अक्टूबर में प्रस्तावित शूटिंग के दौरान अनुचित संरक्षण देने के नाम पर भी रिश्वत मांगी गई थी।