मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा- महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से देश की दिशा और निर्णय लेने की प्रक्रिया दोनों मजबूत होंगे। हमारी बेटियां राष्ट्र का गौरव हैं। अगर बेटियां आगे बढ़ेंगी तो देश भी आगे बढ़ेगा। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने महिला आरक्षण को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके बाद सदनों में हर तीसरी आवाज महिलाओं की होगी और हर नीति में महिलाओं का दृष्टिकोण शामिल होगा। दरअसल, जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में बुधवार को प्रदेश स्तरीय 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' आयोजित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इसमें महिला आरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण का संदेश देने पर फोकस रहा। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से बदला लिंग अनुपात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- 2014 में जैसे ही नरेंद्र मोदी हमारे देश के प्रधानमंत्री बने, उनके मन में मातृशक्ति के प्रति भाव आया। उन्होंने सोचा कि हमारी माताएं-बहनें कैसे आगे बढ़ सकती हैं, वे आर्थिक रूप से कैसे मजबूत बन सकती हैं। उन्होंने इस पर काम किया। उन्होंने कहा- छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हुए सबसे पहले यह देखा गया कि लिंग अनुपात में मातृशक्ति की संख्या घट रही है। इसके बाद बड़े स्तर पर 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान शुरू किया। यह अभियान सरकार के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से भी चलाया गया। आज इसमें बदलाव साफ नजर आ रहा है। शौचालय और उज्ज्वला योजना से मिला सम्मान सीएम ने कहा- पहले गांव, शहर और कस्बों में माताएं-बहनें खुले में शौच के लिए अंधेरा होने का इंतजार करती थीं और सुबह जल्दी जाना पड़ता था, लेकिन 70 सालों में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री ने घर-घर शौचालय बनवाकर माताओं को सम्मान देने का काम किया। उन्होंने कहा- पहले चूल्हे पर खाना बनने से माताएं-बहनें धुएं की समस्या से जूझती थीं, लेकिन उज्ज्वला योजना के जरिए घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके साथ ही जनधन खाते खुलवाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया गया। महिला उत्थान के लिए योजनाएं चला रही है सरकार मुख्यमंत्री ने कहा- हमारी माताएं-बहनें हमारे लिए सर्वोपरि हैं। हर क्षेत्र चाहे स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो, सुरक्षा और नीति निर्माण हो, सभी में उनका योगदान है। जिस तरह से केंद्र में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण संभाल रही हैं। उसी तरह राजस्थान में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी वित्त विभाग देख रही हैं। उन्होंने कहा- महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार योजनाएं चला रही है। पिछली सरकार की तुलना में महिला अपराधों में करीब 10 प्रतिशत की कमी आई है। महिलाएं आज घर के साथ-साथ देश के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बेटियो को पढ़ाना, जागरूक बनाना और उन पर भरोसा करना जरूरी उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा- आज स्कूल और कॉलेज में पढ़ रही बेटियां ही आगे चलकर विधायक और सांसद बनेंगी और देश का नेतृत्व करेंगी। ये बेटियां अपने गांव और समाज के फैसलों में भी अहम भूमिका निभाएंगी। सदनों में उनकी संख्या बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया- यह अधिनियम सिर्फ राजनीति नहीं बदलेगा, बल्कि घर-घर की सोच को बदलेगा, जहां बेटी को बोझ नहीं बल्कि गर्व के रूप में देखा जाएगा। आने वाला भारत ऐसा होगा, जहां बेटियों के जन्म पर खुशी के साथ गर्व भी महसूस किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले बदलाव घर से शुरू करना होगा। बेटियों को पढ़ाना, जागरूक बनाना और उन पर भरोसा करना जरूरी है। दीया कुमारी ने कहा- अब महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में नेतृत्व के रास्ते खुल चुके हैं और देश का नेतृत्व उन्हें आगे आने का अवसर दे रहा है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल कर इस अधिनियम का समर्थन करने की अपील की। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से मोबाइल की टॉर्च जलाकर समर्थन जताने का आग्रह किया।