पाली शहर के मंडिया रोड क्षेत्र में शुक्रवार को बारिश के दौरान जेके डाइंग फैक्ट्री के बाहर रंगीन पानी सड़क पर फैल गया। किसानों की सूचना पर राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम मौके पर पहुंची और पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए। किसानों ने फैक्ट्री से प्रदूषित पानी छोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन ने इसे बारिश के पानी के ओवरफ्लो होने का मामला बताया। किसानों की शिकायत पर टीम पहुंची मंडिया रोड क्षेत्र में बारिश के दौरान फैक्ट्री के बाहर रंगीन पानी फैलने की सूचना मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी की और सड़क पर फैले पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए। किसानों ने लगाया प्रदूषित पानी छोड़ने का आरोप किसान वागाराम विश्नोई ने आरोप लगाया कि बारिश का फायदा उठाकर किसी फैक्ट्री संचालक ने जानबूझकर रंगीन और प्रदूषित पानी सड़क पर छोड़ा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। फैक्ट्री प्रबंधन ने दी सफाई फैक्ट्री मालिक कानमल पोरवाल ने बताया कि बारिश का पानी फैक्ट्री के स्टोरेज टैंक में पहुंच गया था। टैंक भर जाने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गया। उनका कहना है कि जानबूझकर कोई प्रदूषित पानी बाहर नहीं छोड़ा गया। पहले से जारी हैं सख्त निर्देश सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संगीत लोढ़ा के आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सीईटीपी ने निर्देश दिए थे कि किसी भी फैक्ट्री का एक बूंद भी अपशिष्ट जल परिसर से बाहर नहीं आना चाहिए। आदेशों में यह भी कहा गया था कि फैक्ट्री के बाहर प्रदूषित पानी मिलने पर संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसका कंसेंट टू ऑपरेट भी निरस्त किया जा सकता है।